नूरपुर हादसे से टूटी शिक्षा विभाग की नींद, गाइडलाइन जारी
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नूरपुर स्कूल बस हादसे के बाद आखिरकार शिक्षा विभाग की नींद भी टूटी है। वीरवार को उच्च शिक्षा निदेशालय ने स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर जिला उपनिदेशकों और स्कूल प्रिंसिपलों को गाइडलाइन जारी की है। निजी स्कूलों को बसों और टैक्सियों में ओवरलोडिंग न करने के सख्त आदेश जारी किए गए हैं।
यातायात नियमों की अनदेखी होने पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। उच्च शिक्षा निदेशालय से जारी गाइडलाइन में कहा गया है कि सर्वोच्च न्यायालय और उच्च न्यायालय के दिशा निर्देशों का अनुपालन अपरिहार्य है। बच्चों को वाहनों में ठूंस-ठूंस कर भरने की प्रवृत्ति, यातायात नियमों को ताक पर रखकर वाहनों का नियमों के प्रतिकूल होना किसी न किसी दुघर्टना का कारण है। इन प्रवृत्तियों पर रोक लगाई जाए।
निदेशालय ने सभी सरकारी और निजी स्कूलों के भवनों के समीप शराब ठेकों को लेकर चौकसी बरतने और असुरक्षित स्कूल भवनों की वैकल्पिक व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं। स्कूल भवनों के चारों ओर दीवार बनवाने और छूआछूत जैसी घटनाएं रोकने और मिड डे मील के लिए बच्चों को रोल नंबर के तहत बैठाने को कहा गया है। शिक्षा निदेशालय ने इन सभी बिंदुओं पर उठाए गए कदमों की रिपोर्ट भी मांगी है।
तेजरफ्तार और शराब पीकर गाड़ी चलाने वालों के रद्द होंगे लाइसेंस
पुलिस मुख्यालय ने सभी पुलिस अधीक्षकों को मोटर वाहन अधिनियम के प्रावधानों को सख्ती से लागू करने और ओवरलोडिंग तथा तेजरफ्तार से गाड़ी चलाने वाले चालकों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। सभी स्कूल बस चालकों के लाइसेंस और ओवर लोडिंग को चेक करने के लिए कहा है।
हिमाचल पुलिस के प्रवक्ता डॉ. खुशहाल शर्मा ने बताया कि पुलिस अधीक्षकों को निर्देश दिए गए हैं कि शराब पीकर गाड़ी चलाने वाले चालकों के लाइसेंस को अभियोजकों, मजिस्ट्रेटों तथा क्षेत्रीय लाइसेंस अधिकारियों (आरएलए) के समन्वय से मोटर वाहन अधिनियम के अंतर्गत प्रावधानों के अनुसार रद्द करवाएं।
आम जनता, स्कूल प्रबंधन, अध्यापकों, अभिभावकों से अपील की है कि वे सड़क दुर्घटनाएं रोकने को तथा यातायात नियमों के लागू करने में पुलिस की मदद करें।
गौरतलब है कि पुलिस ने अपने 100 दिनों के एक्शन प्लान में सड़क हादसे रोकने के लिए यातायात नियमों को लागू करना भी शामिल किया है। खुशहाल शर्मा ने बताया कि अभी तक शराब पीकर गाड़ी चलाने के 1332 चालान, बिना हेलमेट के दुपहिया वाहन
चलाने के लिए 44 हजार 23, तेजरफ्तार और लापरवाही से गाड़ी चलाने के 3275, गाड़ी चलाते हुए मोबाइल फोन सुनने के 2215, बिना सीट बेल्ट गाड़ी चलाने के 35 हजार 595 व्यक्तियों और ओवर लोडिंग के 74 चालान किए गए हैं। इसके अलावा 90 ब्लैक स्पॉट चिह्नित किए हैं। इनमें 56 की मरम्मत की गई है, जबकि शेष पर कार्य किया जा रहा है।