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बर्फ की चादर में बदल गई बड़ा देव कमरूनाग झील
बिंदर ठाकुर/अमर उजाला, गोहर (मंडी)
Updated Sun, 27 Dec 2015 09:21 PM IST
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जनपद के अधिष्ठाता बड़ा देव कमरूनाग की पवित्र झील कड़ाके की ठंड में जम गई है। पर्यटक और स्थानीय लोग अब भी यहां पहुंच रहे हैं। अधिक बर्फबारी हुई तो कमरूनाग मंदिर पहुंचना पर्यटकों और श्रद्धालुओं के लिए और जोखिम भरा हो जाएगा। देवता के कटवाल रणजीत सिंह ने बताया कि कमरूनाग झील रोजाना सुबह जम जाती है और दोपहर बाद करीब 12 बजे जमी झील पानी में तबदील हो जाती है।
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कमरूनाग देवता की पवित्र झील में श्रद्धालु चढ़ावा अर्पित करते हैं। यह झील मंडी जिले में 9 हजार फीट की ऊंचाई पर स्थित है जहां कड़ाके की ठंड में सब कुछ जम जाता है। बर्फबारी और कड़ाके की ठंड में कमरूनाग झील के जम जाने के कारण रात के समय चोर झील से नकदी और सोना चांदी निकालने का प्रयास करते हैं।
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इसके लिए मंदिर में अब देवता कमेटी ने सीसीटीवी कैमरा और चौकीदार तैनात कर दिए हैं। कमरूनाग देवता मंडी जिला के सबसे प्रमुख देवता हैं। धर्मेंद्र कुमार, मुरारी लाल, विजय कुमार, नेहा, हेमलता, सुनीता, प्रोमिला और हंसा देवी ने बताया कि कमरूनाग झील बर्फबारी में बेहद आकर्षित लगती है। नाचन के विधायक विनोद कुमार ने कहा है कि कमरूनाग मंदिर और झील को पर्यटन से जोड़ने के लिए सरकार से बात करेंगे।
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