फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   kala mahina khatam himachal shubh karya vivah grih pravesh kharmas

हिमाचल: काला महीना खत्म, विवाह और गृह प्रवेश की तैयारियां शुरू; जानें क्या कुछ बोले पंडित उमेश नौटियाल

Wed, 16 Sep 2026 12:16 PM IST
Ankesh Dogra भारती शर्मा, शिमला।
भारती शर्मा, शिमला। Published by: Ankesh Dogra Updated Wed, 16 Sep 2026 12:16 PM IST
सार

एक महीने से चल रहा खरमास यानि काला महीना समाप्त होने के बाद हिमाचल में मांगलिक कार्यों का सिलसिला शुरू होने जा रहा है। शिमला में परिवार विवाह, गृह प्रवेश और अन्य संस्कारों की तैयारियों में जुटने लगे हैं। पुजारी उमेश नौटियाल ने बताया कि खरमास खत्म होने का अर्थ यह नहीं है कि हर दिन शुभ हो जाता है। किसी भी आयोजन के लिए पंचांग के अनुसार तिथि और मुहूर्त देखना जरूरी है।

विज्ञापन
kala mahina khatam himachal shubh karya vivah grih pravesh kharmas
खरमास 2026 - फोटो : अमरउजाला

विस्तार

मांगलिक कार्यों का इंतजार कर रहे लोगों के लिए राहत की खबर है। एक महीने से चल रहा खरमास आज समाप्त हो जाएगा। इसके साथ ही कल से विवाह, गृह प्रवेश, मुंडन, नामकरण और अन्य मांगलिक कार्यों का सिलसिला शुरू हो जाएगा। शुभ कार्यों पर विराम के चलते पिछले एक माह से घरों में होने वाले बड़े आयोजनों की संख्या कम रही। अब खरमास खत्म होते ही शादी-विवाह की तैयारियां तेज होने लगी हैं।

विज्ञापन




घरों में फिर शुरू होगी शादी-ब्याह की रौनक
खरमास के दौरान शुभ और मांगलिक कार्यों को परंपरागत रूप से टाला जाता है। इस अवधि में कई परिवारों ने विवाह, गृह प्रवेश और अन्य संस्कारों की तारीख तय करने के बजाय शुभ समय का इंतजार किया। अब खरमास समाप्त होने के बाद आयोजन की तैयारियां शुरू होने की उम्मीद है। विवाह समारोहों के लिए कपड़ों, निमंत्रण पत्रों, खानपान और अन्य व्यवस्थाओं की योजना बनाने में परिवार जुटने लगे हैं।
विज्ञापन


हर दिन नहीं होता शुभ, पंचांग से तय करें मुहूर्त
राधा कृष्ण मंदिर के पुजारी उमेश नौटियाल ने बताया कि मांगलिक कार्य के लिए खरमास की समाप्ति के साथ ही सभी तिथियां स्वत: शुभ नहीं हो जातीं। विवाह और अन्य संस्कारों के लिए पंचांग के अनुसार शुभ तिथि और मुहूर्त देखना आवश्यक होता है। इसके लिए परिवार आचार्य से परामर्श लेकर आयोजन की तारीख तय कर सकते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


उन्होंने बताया कि विवाह, गृह प्रवेश, मुंडन और नामकरण जैसे संस्कारों के लिए अलग-अलग शुभ समय देखा जाता है। इसलिए केवल खरमास खत्म होने के आधार पर तारीख तय करने के बजाय संबंधित संस्कार के लिए उचित मुहूर्त का ध्यान रखना चाहिए।

हिमाचल में मांगलिक आयोजनों का इंतजार खत्म
खरमास की समाप्ति के बाद शुभ कार्यों की शुरुआत को लेकर लोगों में उत्साह है। जिन परिवारों ने पिछले एक महीने से आयोजन की योजना रोक रखी थी, वे अब आगे की तैयारियां कर सकते हैं। हालांकि आयोजन की तारीख तय करते समय पंचांग और स्थानीय परंपराओं के अनुसार आचार्य की सलाह लेना जरूरी होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed