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Kaithlighat Dhali Fourlane: फोरलेन निर्माण के लिए पेड़ कटान का 90 फीसदी काम पूरा
Mon, 29 Apr 2024 12:03 PM IST
Krishan Singh
संवाद न्यूज एजेंसी, शिमला
संवाद न्यूज एजेंसी, शिमला
Published by: Krishan Singh
Updated Mon, 29 Apr 2024 12:03 PM IST
सार
कालका-शिमला फोरलेन के तीसरे चरण में कैथलीघाट-ढली हिस्से के 28.45 किमी मार्ग पर 3914.77 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
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फोरलेन(सांकेतिक)।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
हिमाचल प्रदेश में कैथलीघाट से ढली फोरलेन का काम तेजी से हो रहा है। फोरलेन निर्माण के लिए पेड़ काटने का काम 90 प्रतिशत पूरा हो चुका है। निर्माण कार्य के लिए कैथलीघाट से ढली तक 5,000 से ज्यादा पेड़ काटे जाने थे। इनमें से शहर में 441 पेड़ काटने का काम चल रहा है। इनके अलावा वन विभाग 3,000 पेड़ ग्रामीण इलाकों में काट चुका है। हिमाचल प्रदेश राज्य वन विकास निगम लिमिटेड शहर के पेड़ों को कटवा रहा है। कटे हुए पेड़ों की नीलामी होगी। कालका-शिमला फोरलेन के तीसरे चरण में कैथलीघाट-ढली हिस्से के 28.45 किमी मार्ग पर 3914.77 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
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कैथलीघाट से शकराल तक 1844 करोड़ से बन रहा फोरलेन
पहले चरण में कैथलीघाट से शकराल तक 1844 करोड़ की लागत से 17.5 किलोमीटर फोरलेन का निर्माण किया जा रहा है। इसमें 20 पुल, दो टनल, एक अंडरपास, 53 कलवर्ट, एक प्रमुख जंक्शन, दो अल्प जंक्शन, एक टोल प्लाजा बनाने का कार्य चला हुआ है। दूसरे चरण में शकराला से ढली-मशोबरा जंक्शन तक 11 किलोमीटर फोरलेन का निर्माण 2,070 करोड़ रुपये से किया जाएगा। इसमें तीन सुरंगें और सात पुल बनेंगे।
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निजी पेड़ों को काटने की सरकार से मंजूरी मिली
सड़क निर्माण के लिए 5,000 से ज्यादा पेड़ काटे जाने थे। ढली से शकराला पैकेज-दो में निजी पेड़ों को काटने की सरकार से मंजूरी मिल गई है। करीब 4 हजार सरकारी और 1,161 निजी पेड़ों को काटा जाना था। इनमें से 441 पेड़ शिमला शहरी इलाकों में लोगों की निजी भूमि में है, जिन्हें काटने का काम किया जा रहा है। पेड़ों के कटने के बाद अब ढली-शकराल में भी खोदाई का
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काम शुरू होगा।
90 प्रतिशत पेड़ों को काटने का काम पूरा हो चुका है। निर्माण कार्य को मंजूरी मिलने से पहले कटे हुए पेड़ों की भरपाई करने का प्रावधान होता है। सभी कटे हुए पेड़ों की भरपाई की जाएगी। -अनीश शर्मा, डीएफओ शिमला ग्रामीण