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Shimla News: जतोग छावनी को स्वचालित पेयजल योजना के लिए मिला स्कॉच पुरस्कार
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आजादी के अमृत महोत्सव चरण दो के तहत नाल्टू जंगल में बनी प्रदेश की पहली स्वचालित पेयजल योजना के लिए मिला सम्मान
पहले छावनी बोर्ड को एमईएस से खरीदना पड़ता था पानी
अब लोगों को रियायती दरों पर पानी देकर भी कर रहे कमाई
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। छावनी परिषद जतोग को स्वचालित लिफ्ट पेयजल योजना-2 के लिए स्कॉच पुरस्कार से नवाजा गया। छावनी परिषद के अधिकारियों ने दिल्ली में यह पुरस्कार प्राप्त किया। आजादी के अमृत महोत्सव चरण दो के तहत नाल्टू जंगल में तैयार की पेयजल योजना से क्षेत्र के लोगों को स्वच्छ पेयजल मिल रहा है।
छावनी परिषद को हर साल पेयजल आपूर्ति पर लाखों रुपये खर्च करने से भी निजात मिली है। इसके साथ लाखों रुपये की कमाई भी हो रही है। योजना के संचालन में दक्षता बढ़ाने, लागत घटाने और स्थायी जल गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए रिमोट मॉनिटरिंग भी की जा रही है। रियल टाइम मोबाइल एप मॉनिटरिंग से पेयजल योजना की 24 घंटे निगरानी संभव हो सकी है। इस पेयजल योजना से पहले छावनी परिषद मिलिट्री इंजीनियरिंग सर्विस से 60 रुपये से 110 रुपये प्रति हजार लीटर के हिसाब से पानी खरीदना पड़ रहा था। इससे छावनी परिषद को लाखों रुपये खर्च करने पड़ रहे थे लेकिन पेयजल योजना का निर्माण पूरा होने के बाद छावनी परिषद को दस से पंद्रह लाख रुपये की वार्षिक बचत हो रही है, तो वहीं प्रति वर्ष 9.60 लाख रुपये की अतिरिक्त आय भी हो रही है।
प्रति व्यक्ति दैनिक आपूर्ति 135 लीटर तक पहुंची
नाल्टू जंगल से चरण दो के तहत वर्ष 2024 में बनकर तैयार हुई पेयजल योजना पर करीब 34 लाख रुपये की लागत आई है। पेयजल योजना के निर्माण से छावनी क्षेत्र में रहने वाली करीब 2062 की आबादी को प्रतिदिन जल आपूर्ति 62.5 लीटर से बढ़कर 135 लीटर पहुंच गई है। इससे छावनी परिषद के लोगों को पर्याप्त पेयजल की आपूर्ति संभव हो पा रही है। छावनी क्षेत्र में प्रतिदिन करीब एक लाख लीटर पेयजल की आवश्यकता है। स्कॉच पुरस्कार 2003 में स्थापित भारत में उन व्यक्तियों, परियोजनाओं और संस्थानों को मान्यता देने के लिए स्कॉच ग्रुप की ओर से दिया जाने वाला स्वतंत्र पुरस्कार है। यह देश के विकास, सामाजिक-आर्थिक उन्नति, ई-गवर्नेंस, डिजिटल और वित्तीय समावेशन में महत्वपूर्ण योगदान देता है। यह पुरस्कार लोक सेवा के क्षेत्र में उत्कृष्टता को भी पहचानता है और नागरिक सेवा वितरण, सशक्तिकरण, और प्रौद्योगिकी के अनुप्रयोग में नवाचारों को सम्मानित करता है। दिल्ली में मुख्य अधिशासी अभियंता रिधिपाल की अगुवाई में कार्यालय अधीक्षक सुशील कुमार, निखिल संदल कनिष्ठ अभियंता और कंप्यूटर प्रोग्रामर आशीष कुमार ने स्कॉच अवार्ड प्राप्त किया।
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पहले छावनी बोर्ड को एमईएस से खरीदना पड़ता था पानी
अब लोगों को रियायती दरों पर पानी देकर भी कर रहे कमाई
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। छावनी परिषद जतोग को स्वचालित लिफ्ट पेयजल योजना-2 के लिए स्कॉच पुरस्कार से नवाजा गया। छावनी परिषद के अधिकारियों ने दिल्ली में यह पुरस्कार प्राप्त किया। आजादी के अमृत महोत्सव चरण दो के तहत नाल्टू जंगल में तैयार की पेयजल योजना से क्षेत्र के लोगों को स्वच्छ पेयजल मिल रहा है।
छावनी परिषद को हर साल पेयजल आपूर्ति पर लाखों रुपये खर्च करने से भी निजात मिली है। इसके साथ लाखों रुपये की कमाई भी हो रही है। योजना के संचालन में दक्षता बढ़ाने, लागत घटाने और स्थायी जल गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए रिमोट मॉनिटरिंग भी की जा रही है। रियल टाइम मोबाइल एप मॉनिटरिंग से पेयजल योजना की 24 घंटे निगरानी संभव हो सकी है। इस पेयजल योजना से पहले छावनी परिषद मिलिट्री इंजीनियरिंग सर्विस से 60 रुपये से 110 रुपये प्रति हजार लीटर के हिसाब से पानी खरीदना पड़ रहा था। इससे छावनी परिषद को लाखों रुपये खर्च करने पड़ रहे थे लेकिन पेयजल योजना का निर्माण पूरा होने के बाद छावनी परिषद को दस से पंद्रह लाख रुपये की वार्षिक बचत हो रही है, तो वहीं प्रति वर्ष 9.60 लाख रुपये की अतिरिक्त आय भी हो रही है।
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प्रति व्यक्ति दैनिक आपूर्ति 135 लीटर तक पहुंची
नाल्टू जंगल से चरण दो के तहत वर्ष 2024 में बनकर तैयार हुई पेयजल योजना पर करीब 34 लाख रुपये की लागत आई है। पेयजल योजना के निर्माण से छावनी क्षेत्र में रहने वाली करीब 2062 की आबादी को प्रतिदिन जल आपूर्ति 62.5 लीटर से बढ़कर 135 लीटर पहुंच गई है। इससे छावनी परिषद के लोगों को पर्याप्त पेयजल की आपूर्ति संभव हो पा रही है। छावनी क्षेत्र में प्रतिदिन करीब एक लाख लीटर पेयजल की आवश्यकता है। स्कॉच पुरस्कार 2003 में स्थापित भारत में उन व्यक्तियों, परियोजनाओं और संस्थानों को मान्यता देने के लिए स्कॉच ग्रुप की ओर से दिया जाने वाला स्वतंत्र पुरस्कार है। यह देश के विकास, सामाजिक-आर्थिक उन्नति, ई-गवर्नेंस, डिजिटल और वित्तीय समावेशन में महत्वपूर्ण योगदान देता है। यह पुरस्कार लोक सेवा के क्षेत्र में उत्कृष्टता को भी पहचानता है और नागरिक सेवा वितरण, सशक्तिकरण, और प्रौद्योगिकी के अनुप्रयोग में नवाचारों को सम्मानित करता है। दिल्ली में मुख्य अधिशासी अभियंता रिधिपाल की अगुवाई में कार्यालय अधीक्षक सुशील कुमार, निखिल संदल कनिष्ठ अभियंता और कंप्यूटर प्रोग्रामर आशीष कुमार ने स्कॉच अवार्ड प्राप्त किया।
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