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जूनियर अफसर कर रहे सीनियर्स की सर्विस का रिव्यू

Mon, 16 May 2016 10:08 AM IST
प्रखर दीक्षित/अमर उजाला, शिमला
प्रखर दीक्षित/अमर उजाला, शिमला Updated Mon, 16 May 2016 10:08 AM IST
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junior officers reviewing senior officers service
कई अधिकारी इस रिव्यू पैनल की रिपोर्ट के खिलाफ केंद्र सरकार को पत्र लिखने की तैयारी में हैं।

नाकारा अधिकारियों को समय से पहले रिटायर करने की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्देश पर 15 व 25 साल की सर्विस पूरी करने व 50 साल से ज्यादा उम्र वालों की सर्विस का रिव्यू हो रहा है। रिव्यू के बाद खराब परफार्मेंस वाले अधिकारी की रिटायरमेंट से पहले ही छुट्टी कर दी जाएगी। हाल ही में इंडियन रेवेन्यू सर्विस के कई अधिकारियों को इसी रिव्यू के बाद समय से पहले रिटायरमेंट लेना पड़ा था।

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इसी क्रम में हाल ही में भारतीय वन सेवा के हिमाचल प्रदेश कैडर के अधिकारियों की सर्विस का रिव्यू किया जा रहा है। रिव्यू करने के बाद रिपोर्ट तो केंद्र सरकार को भेज दी जाएगी लेकिन जूनियर बैच के अधिकारियों द्वारा सीनियरों का रिव्यू करने पर इस कमेटी और उसकी रिपोर्ट पर सवाल खड़े हो गए हैं।
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दरअसल, मुख्य सचिव पी. मित्रा की अध्यक्षता वाली रिव्यू कमेटी में एसीएस पीसी धीमान, प्रमुख सचिव वन आरडी धीमान, पीसीसीएफ एसपी वासुदेवा और हरियाणा की पीसीसीएफ डा अमरिंदर कौर शामिल हैं। पीसीसीएफ एसपी वासुदेवा 1982 बैच के आईएफएस हैं और हरियाणा से आई पीसीसीएफ 1983 बैच की हैं।
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वहीं, जिन अधिकारियों की सर्विस का रिव्यू हो रहा था, उनमें कई अधिकारी ऐसे हैं जो इन दोनों ही अधिकारियों से बड़े बैच के हैं। आईएफएस चंद्र शेखर सिंह 1981 बैच से हैं जबकि ललित मोहन, संजीव पांडेय और अवतार सिंह 1982 बैच के आईएफएस अधिकारी हैं। पीसीसीएफ वन्य जीव एसएस नेगी 1983 बैच के अधिकारी हैं। दिल्ली में भी जो अधिकारी रेखा पई इस रिव्यू को कोआर्डिनेट कर रही हैं, वह भी 1983 बैच की हैं।


ऐसे में अपने बराबर या सीनियर अधिकारियों का रिव्यू करने की वजह से रिव्यू रिपोर्ट सवालों में आ गई है। आधिकारिक सूत्रों की मानें, तो कई अधिकारी इस रिव्यू पैनल की रिपोर्ट के खिलाफ केंद्र सरकार को पत्र लिखने की तैयारी में हैं। अब देखना यह है कि इस रिव्यू कमेटी की सिफारिशों को केंद्र सरकार मानकर कार्रवाई करती है या फिर अधिकारियों की आपत्ति पर दोबारा रिव्यू पैनल बनाकर रिव्यू कराया जाता है।

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