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हिमाचल की इस बेटी ने किया ऐसा अविष्कार, जिससे सड़क हादसों में आएगी कमी

Tue, 26 Dec 2017 11:13 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला Updated Tue, 26 Dec 2017 11:13 AM IST
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joshita sharma of shimla invented pothole and manhole sensor

हिमाचल की बेटी ने एक ऐसे उपकरण का अविष्कार किया है,जो सड़क हादसों में कमी लाएगा। ये उपकरण कई कीमती जिंदगियां बचाने में अहम भूमिका अदा करेगा। 

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राजधानी शिमला की जोशिता शर्मा ने पोथोहोल एंड मेनहोल सेंसर उपकरण का आविष्कार कर राष्ट्रीय स्तर का डॉ. अब्दुल कलाम इग्नाइट अवार्ड प्राप्त किया है। जोशिता के इस आविष्कार से रास्तों के गड्ढों की सूचना पहले ही मिल जाएगी, जिससे सड़क हादसों में कमी आएगी। 
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राष्ट्रीय स्तर पर स्कूली बाल वैज्ञानिकों के लिए प्रतियोगिता करवाने वाली संस्था नेशनल इनोवेशन फाउंडेशन ने जोशिता के इस आविष्कार का पेटेंट भी करवाया है। जोशिता प्रदेश की पहली ऐसी स्कूली छात्रा वैज्ञानिक है, जिसे राष्ट्रीय स्तर पर अवार्ड मिला है। 

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ऐसे आया आइडिया 

joshita sharma of shimla invented pothole and manhole sensor

संस्था की ओर से 22 दिसंबर को अहमदाबाद में आयोजित पुरस्कार वितरण समारोह में पूर्व राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी के हाथों यह अवार्ड दिया गया है। कान्वेंट ऑफ जीजस एंड मैरी चैल्सी की दसवीं की छात्रा जोशिता ने अगस्त माह में इस स्पर्धा के लिए एंट्री भेजी थी।

जोशिता के पिता अमित कुमार और माता बिंदु जोशी का कहना है कि बेटी की यह उपलब्धि पूरे प्रदेश के लिए गौरव की बात है। जोशिता ने कहा कि उसे इस उपकरण को बनाने का आइडिया मुंबई में सड़कों पर पानी भर जाने से हुई एक व्यक्ति की मौत से आया?

वहीं हिमाचल जैसे पहाड़ी राज्यों में खराब सड़कों के कारण हर वर्ष होने वाली मौतों में कमी लाने के लिए ऐसा कुछ बनाने की सोची, जिससे खतरे का पहले आभास हो जाए।

ऐसे काम करेगा उपकरण

joshita sharma of shimla invented pothole and manhole sensor
demo pic

इस उपकरण में अल्ट्रा सोनिक रेज और सेंसर लगे हैं, जिसे गाड़ी में या व्यक्ति अपने पास रखकर गड्ढे का पता लगा सकता है, उसे सायरन या साउंड संकेत मिल जाते हैं कि आगे खतरा है।

इससे करीब पांच मीटर पहले ही खतरे का आभास हो जाएगा। जोशिता का कहना है कि इस उपकरण को और मोडिफाई किया जाए तो यह रेंज और बढ़ सकती है और काफी दूर से गड्ढे का पता चल सकता है।    

पेटेंट हो जाने पर जोशिता को मिल सकती है रॉयल्टी 
जोशिता के आइडिया का पेटेंट हो चुका है तो इसका इस्तेमाल गाड़ियों में किए जाने पर जोशिता को संबंधित कंपनी से रॉयल्टी मिलेगी। जोशिता का कहना है कि मानव कल्याण के लिए उसके इस अविष्कार का इस्तेमाल हो, जिससे हादसों में लोगों की जान न जाए। यही इच्छा है।

जोशिता कई ओलंपियाड में मेडल जीत चुकी है। उसे पैराग्लाइडिंग करना पसंद है और कविताएं भी लिखती है। साथ ही उसे अंतरिक्ष विज्ञान के बारे जानकारी जुटाना और विज्ञान के आविष्कारों के बारे में पढ़ना बहुत पसंद है। 

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