ग्रामीण इलाकों के 80 रूट होंगे बहाल, फिर दौड़ेंगी जेएनएनयूआरएम की 300 बसें
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बसों की कमी से जूझ रहे ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को जल्द राहत मिलने वाली है। प्रदेशभर में जवाहर लाल नेहरू राष्ट्रीय शहरी नवीकरण योजना (जेएनएनयूआरएम) के तहत खड़ी 300 बसें फिर से सड़कों पर दौड़ेंगी। हिमाचल पथ परिवहन निगम प्रबंधन बहुत जल्द जेएनएनयूआरएम की बस सेवा शुरू करने जा रहा है।
दरअसल चंबा, नगरोटा, पालमपुर, बैजनाथ, धर्मशाला और पठानकोट में जेएनएनयूआरएम बस सेवा के बंद होने से 80 के करीब रूट बंद पड़े हैं। इसका खामियाजा ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को ही उठाना पड़ रहा है। गौरतलब है कि हिमाचल पथ परिवहन निगम ने प्रदेशभर में लोगों की सहूलियत के लिए जेएनएनयूआरएम बस सेवा आरंभ की थी।
इस बस सेवा के आरंभ होने से ग्रामीण क्षेत्रों के बाशिंदों को बस सेवा का भरपूर लाभ मिल रहा था। उसके बाद जेएनएनयूआरएम की बस सेवा बंद कर दी गई। वर्तमान में प्रदेशभर में जेएनएनयूआरएम की करीब 300 बसों के पहिये थम गए हैं। आखिरकार अब उच्च न्यायालय ने इस पर अपना निर्णय दे दिया गया है।
वहीं, एचआरटीसी प्रबंधन इसी माह से बंद रूटों पर बस सेवा आरंभ करने की तैयारी में जुट गया है। एचआरटीसी के डिवीजन मैनेजर दलजीत सिंह ने बताया कि जवाहर लाल नेहरू राष्ट्रीय शहरी नवीकरण योजना के तहत प्रदेश भर में खड़ी 300 बसों को जल्द शुरू करने की योजना है।
जेएनएनयूआरएम बस सेवा पर उच्च न्यायालय ने अपना निर्णय दे दिया गया है। कहा कि बस सेवा आरंभ हो जाने से 80 रूटों पर बस सेवा आरंभ होगी।