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शिमला: सेब का मुद्दा और वर्चस्व की जंग बना जेएनके का उपचुनाव

Tue, 12 Oct 2021 11:54 AM IST
Krishan Singh अमर उजाला नेटवर्क, शिमला/रोहड़ू
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला/रोहड़ू Published by: Krishan Singh Updated Tue, 12 Oct 2021 11:54 AM IST
सार

जुब्बल-नावर-कोटखाई (जेएनके) क्षेत्र में भले ही सेब बगीचों से मंडियों में पहुंच गया हो लेकिन यहां उपचुनाव में सबसे बड़ा मुद्दा सेब ही है। यहां के 90 फीसदी परिवार सेब बागवानी करते हैं। अब देखना यह है कि जुब्बल कोटखाई विस क्षेत्र में उपचुनाव से पहले सरकार की घोषणाओं, चेतन के टिकट कटने का दर्द या सेब के कम दाम मिलने में से मतदाता किस प्रत्याशी का ईवीएम का बटन दबाते हैं। 

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JNK by election became the The issue of apple and the war of supremacy
रोहित ठाकुर, नीलम सरैईक व चेतन बरागटा। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

हिमाचल प्रदेश के शिमला के जुब्बल-नावर-कोटखाई (जेएनके) क्षेत्र में भले ही सेब बगीचों से मंडियों में पहुंच गया हो लेकिन यहां उपचुनाव में सबसे बड़ा मुद्दा सेब ही है। यहां के 90 फीसदी परिवार सेब बागवानी करते हैं। दूसरा, पिता की मौत के बाद खाली हुई सीट पर बेटे चेतन बरागटा के बगावत कर निर्दलीय उतरने के लिए वर्चस्व की जंग बन गई है। चेतन अपना वजूद बचाए रखना चाहते हैं तो भाजपा सरकार प्रतिष्ठा। कांग्रेस प्रत्याशी रोहित ठाकुर भी मुख्य मुद्दे के अलावा महंगाई समेत अन्य मसलों को लेकर मैदान में उतरे हैं।  उधर, भाजपा प्रत्याशी नीलम सरैईक पहली मर्तबा विधायकी का चुनाव लड़ रही हैं। इस सेब सीजन में सबसे पहले कीटनाशक और खादों पर मिलने वाली सब्सिडी खत्म करने पर हल्ला मचा।

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बागवानों का गुस्सा फूटा लेकिन सरकार तक उनका विरोध पहुंचाने के लिए कोई सशक्त प्लेटफार्म नहीं मिला। दूसरी चोट गत्ता फैक्टरियों ने दी। कार्टन महंगा हुआ और हो हल्ला हुआ तो सरकार ने कहा क्रेट में सेब बेचो। जब सेब की फसल तैयार कर फल मंडी तक पहुंचाने की बारी आई तो ट्रांसपोर्टेशन भी महंगा गया। इन परिस्थितियों से जूझ कर जब बागवान मंडी पहुंचा तो प्रदेश सरकार के उपक्रम एपीएमसी की विफलता और कॉरपोरेट कंपनियों की मिलीभगत से सेब के दाम गिर गए। तब भी ठीकरा बागवानों के सिर फोड़ दिया गया कि वह ऊंचे रेट के लालच में अधपके फलों को मंडी ला रहे हैं। सेब की क्वालिटी खराब है, दागी है इसलिए रेट नहीं मिल रहे। अब देखना यह है कि जुब्बल कोटखाई विस क्षेत्र में उपचुनाव से पहले सरकार की घोषणाओं, चेतन के टिकट कटने का दर्द या सेब के कम दाम मिलने में से मतदाता किस प्रत्याशी का ईवीएम का बटन दबाते हैं। 
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अपने ही प्रत्याशी के नाम का गलत प्रचार कर रही भाजपा
वहीं, भाजपा ने भले ही सोशल मीडिया पर समर्थकों और आम लोगों तक पार्टी और सरकार की बात पहुंचाने के लिए प्रदेश कार्यालय में वॉर रूम सक्रिय किया है, लेकिन पार्टी अपने ही प्रत्याशी के नाम का गलत प्रचार कर रही है। बैनरों से लेकर सोशल मीडिया पर भाजपा मंडी लोकसभा क्षेत्र से प्रत्याशी रिटायर्ड बिग्रेडियर कुशाल ठाकुर को खुशाल ठाकुर बता रही है। खुद उन्होंने नामांकन पत्र में अपना नाम कुशाल ठाकुर दर्ज किया है। पार्टी के आला नेताओं से लेकर सोशल मीडिया पर कुशाल की जगह खुशाल ठाकुर लिखा जा रहा है। सोमवार को चुनाव प्रबंधन समिति के प्रमुख गणेश दत्त ने वॉर रूम में काम कर रहे लोगों के साथ बैठक की। इसमें केंद्र एवं प्रदेश सरकार की योजनाओं के लाभार्थियों को लेकर चर्चा की गई। तय हुआ कि सभी लाभार्थियों की सूची तय कर उनसे संपर्क किया जाएगा। बता दें, भाजपा के वॉर रूम में 20 लोग पूरे प्रदेश में कार्यकर्ताओं से सूचना एवं संपर्क का कार्य कर रहे हैं। बैठक में प्रदेश प्रवक्ता विनोद ठाकुर, सह मीडिया प्रभारी कर्ण नंदा, सुशील राठौर उपस्थित रहे।

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