पीलिया पर पूरे प्रदेश में अलर्ट, अधिकारियों को सख्त निर्देश
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सर्दियों में जलस्रोतों में कम और स्थिर पानी होने के कारण इनके दूषित होने की आशंका से पीलिया फैलने का खतरा बढ़ गया है। इसके लिए राज्य सरकार ने अलर्ट घोषित करते हुए तमाम संबंधित अधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं कि वे इस बारे में सतर्कता बरतें। सरकार की ओर से बाकायदा लोगों के मोबाइल फोन पर मैसेज किए जा रहे हैं।
इसमें उन्हें कम से कम पंद्रह मिनट तक पानी उबालकर पीने की सलाह दी जा रही है। हिमाचल में हर साल पीलिया की चपेट में बड़ी संख्या में रोगी सामने आते हैं। इनमें से दर्र्जनों लोगों की तो मौत भी हो जाती है। इसकी वजह पीने का दूषित पानी ज्यादा रहता आया है। राजधानी शिमला समेत प्रदेश के कई प्रमुख शहरों और कस्बों में सर्दियों में पीलिया महामारी का रूप ले लेती है।
हाल ही में पीलिया फैलने के लिए जिम्मेवार अधिकारियों पर राज्य सरकार ने कार्रवाई भी की है। सत्ता में आते ही जयराम ठाकुर सरकार ने भी पंद्रह दिनों में टैकों की सफाई करने के निर्देश जारी किए, जिससे कि दूषित पानी से बीमारियां नहीं फैले। इन टैंकों और जलस्रोतों की ठीक से क्लोरीनेशन करने का भी मामला उठाया गया है। अब मोबाइल फोन पर भी स्वच्छ पानी पीने को लेकर अलर्ट जारी किए जा रहे हैं।
पंद्रह दिन में दो पाजिटिव मामले
सूबे में पिछले पंद्रह दिनों की बात करें तो पीलिया के दो पाजिटिव मामले सामने आए हैं। 23 लोग पीलिया की आशंका से अपने टेस्ट भी करवा चुके हैं। इनमें से 21 लोग स्वस्थ पाए गए हैं।
हिमाचल सरकार के मुख्य सचिव विनीत चौधरी का कहना है कि सरकार सर्दियों में पीलिया फैलने की आशंका एकदम अलर्ट है। अफसरों को चुस्त-दुरुस्त कर दिया गया है। लोगों को एसएमएस कर उबला हुआ पानी पीने और एहतियात बरतने की सलाह दी जा रही है।