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हिमाचली शख्स की पहले गाड़ी तोड़ी फिर हाथ, कहा जय जाट बोलो

Sat, 27 Feb 2016 10:45 AM IST
Updated Sat, 27 Feb 2016 10:45 AM IST
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jat reservation, attack on a teacher from una.

‘अचानक हाथों में डंडे, लाठियां और हथियार लिए कुछ युवक आए और जाम में फंसी मेरी गाड़ी पर टूट पड़े। पहले तो मेरे भतीजे हरजिंद्र सिंह के सिर में मारा फिर बोले - बोलो जय जाट, हम सभी ने वैसा ही बोला।

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इसके बाद मेरे दूसरे भतीजे नीरज को गर्दन से पकड़कर बाहर निकाला और जाति विशेष का नारा लगवाया। इसके बाद वे आगे बढ़ गए...।’ यह किसी फिल्म का दृश्य नहीं, बल्कि जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान मुरथल के पास हाइवे पर हुए तांडव की कहानी है, जो भुक्तभोगी हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले के गांव कयोनी थाना संतोषगढ़ निवासी सतीश ने सुनाई है।

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माथा टेकने नैनादेवी गए थे सतीश

jat reservation, attack on a teacher from una.

सतीश शुक्रवार को परिवार सहित दिल्ली से सोनीपत पहुंचे थे। सतीश ने बताया कि वह फिलहाल दिल्ली के अशोक नगर में परिवार सहित रहते हैं। गत दिनों वह परिवार सहित माता नैना देवी के मंदिर में मत्था टेकने हिमाचल प्रदेश गए थे।

पत्नी बबीता ने बताया कि लौटते समय पता चला कि हाईवे पर जाम खुल गया है। इसलिए वह बढ़ते चले आए लेकिन अचानक आगे मुरथल के पास आकर फंस गए। सड़क पर उपद्रव चल रहा था, उपद्रवियों ने पथराव किया तो सेना ने उन्हें खदेड़ दिया।

इसके बाद वहां से हम निकल गए। हालांकि एक ईंट लगने से हमारी गाड़ी का शीशा टूट गया। इसके बाद पता नहीं, कहां से काफी लोग निकल आए और उन्होंने हम पर राड व डंडों से हमला किया। मेरे पति व मेरे भतीजे को चोट आई। हमलावरों ने गाली-गलौच की।

उसके बाद वे चले गए। हम जाकर खेतों में छिप गए, वहां हमारी मास्टर ओम सिंह ने काफी मदद की। हम उनके घर में सुबह तक रहे। उसके बाद दिल्ली चले गए। सर, मेरे साथ कोई छेड़छाड़ या और कुछ गलत काम नहीं हुआ। न मेरा पैसा लूटा और न ही जेवर लूटा।

नारा लगवा रहे थे हमलावर

jat reservation, attack on a teacher from una.

सतीश ने बताया सड़क पर अकेली उनकी गाड़ी खड़ी थी। अचानक कुछ लोगों ने डंडे बरसाए। मेरा हाथ टूट गया। पेट, कमर और छाती पर वार किए गए। भतीजे हरजिंद्र के सिर में डंडे बरसाए गए, उसका सिर फट गया। उसके 25-30 टांके लगाए गए हैं। गाड़ी को तोड़ दिया।

मेरे दो बच्चों और भतीजे को गर्दन से पकड़कर खींच कर बाहर निकालने लगे। एक भतीजा तो चोट खाने के बाद खेतों में गिरते-पड़ते भाग गया। उपद्रवियों ने दूसरे भतीजे को गर्दन से पकड़ कर बाहर निकाला। उपद्रवियों ने कहा, जय जाट बोलो, हमने बोल दिया। इसके बाद वे आगे भाग गए।

हम से आगे 20 से 25 मीटर की दूरी पर कुछ और गाड़ियां आ खड़ी हुई थीं। हम तो अपनी गाड़ी छोड़कर खेतों में छिप गए। वहां छिप-छिप कर देख रहे थे। हाइवे पर गाड़ियां तोड़ी जा रही थी और आग लगाई जा रही थी। अंधेरा होने के कारण कुछ दिखाई नहीं दिया। टूटने व ब्लास्ट होने की आवाज जरूर आ रही थी।

डीएसपी ने किए बयान दर्ज

सतीश व उनकी पत्नी शुक्रवार को डीएसपी सतीश शर्मा के कार्यालय गन्नौर पहुंचे और हाइवे पर हुई दास्तां बयां की। पुलिस ने पीड़ितों के बयान लेकर मामला दर्ज कर लिया है।

हाइवे पर हुई तोड़फोड़ व आगजनी की जांच करेगी एसआईटी

पुलिस प्रशासन ने हाइवे पर हुई आगजनी और तोड़फोड़ की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया है। एसआईटी में डीएसपी गन्नौर सतीश शर्मा, डीएसपी ट्रैफिक राहुल देव, एसआईटी प्रभारी संदीप धनखड़, थाना मुरथल प्रभारी अजय धनखड़ शामिल हैं।

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