डिनोटिफाई संस्थान: सीएम के गृह क्षेत्र में जलशक्ति विभाग का डिवीजन बंद, अब फिर 28 किमी की दौड़
नादौन का जलशक्ति विभाग का मंडल कार्यालय बंद किए जाने से लोगों को अपने कार्य के लिए फिर से हमीरपुर जाना पड़ रहा है।
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सूबे में पूर्व सरकार की ओर से खोले गए सरकारी कार्यालय बंद होने से लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के गृह विधानसभा क्षेत्र नादौन में भी जलशक्ति विभाग का मंडल कार्यालय बंद कर दिया गया है। अब यहां के सैकड़ों लोग घरद्वार पर मिलने वाली सुविधाओं से महरूम हो गए हैं। वर्तमान कांग्रेस सरकार ने पूर्व भाजपा सरकार के समय अंतिम 6 माह में खोले गए जिन विभिन्न कार्यालयों को बंद किया है, उनमें विधानसभा क्षेत्र नादौन का जलशक्ति विभाग का मंडल कार्यालय भी शामिल है। अब लोगों को अपने कार्य के लिए फिर से हमीरपुर जाना पड़ रहा है।
नादौन से हमीरपुर की दूरी करीब 28 किलोमीटर है। पहले यहां विभाग के अधिकारी बैठ रहे थे। जलशक्ति विभाग के नादौन डिवीजन के अंतर्गत करीब 11,902 पेयजल कनेक्शन हैं। नादौन में जलशक्ति विभाग का डिवीजन खोलने की घोषणा जून 2022 में हुई थी। उसी वर्ष अगस्त में यहां अधिशासी अभियंता समेत अन्य अधिकारियों व कर्मचारियों की तैनाती की गई थी। इससे लोगों को पेयजल समस्याओं के समाधान के साथ नई स्कीमों और मरम्मत कार्य के टेंडर की सुविधाएं घरद्वार पर मिलनी शुरू हुई थीं। कार्यालय डिनोटिफाई होने से ये सारी सुविधाएं बंद हो गई हैं।
अगस्त 2022 को नादौन में खुले जलशक्ति डिवीजन में इंजीनियर राजीव सहगल को यहां अधिशासी अभियंता नियुक्त किया गया था, लेकिन कुछ माह बाद उनका तबादला हो गया। इसके बाद ई. अरविंद वर्मा को यहां अधिशासी अभियंता नियुक्त किया गया। इनके अलावा एक मुख्य प्रारूपकार (एचडीएम), एक कनिष्ठ प्रारूपकार (जेडीएम), अधीक्षक और लिपिक की नियुक्ति की गई थी। जबकि, जलशक्ति विभाग के बड़सर डिवीजन से सरकारी वाहन उपलब्ध करवाया गया था।
दिसंबर में इन सभी अधिकारियों को कहीं ओर शिफ्ट कर दिया गया। इसके अलावा फील्ड स्टाफ के जिन 50 से अधिक कर्मचारियों को नादौन स्थित जलशक्ति विभाग के डिवीजन में लगाया गया था, उन्हें अभी तक वेतन की अदायगी नहीं हो पाई है। विभाग के उपमंडल नादौन के तहत कुल 21 पेयजल और 13 सिंचाई योजनाएं हैं। जबकि, विधानसभा क्षेत्र में 58 पंचायतें हैं। वर्तमान समय में नादौन विधानसभा क्षेत्र में जलशक्ति विभाग में एक सहायक अभियंता, चार कनिष्ठ अभियंता, धनेटा उपमंडल में एक सहायक अभियंता और तीन कनिष्ठ अभियंता हैं। इसी तरह गलोड़ में एक सहायक अभियंता और तीन कनिष्ठ अभियंता सेवाएं दे रहे हैं।
मुख्यमंत्री के गृह विस क्षेत्र में फैला था डायरिया
मुख्यमंत्री के गृह विधानसभा क्षेत्र नादौन के तहत कुनाह खड्ड में स्थापित तीन पेयजल योजनाओं का पानी दूषित पाया गया था। इसी माह क्षेत्र के 57 गांवों के 1,009 लोग डायरिया की चपेट में आए थे। आधा दर्जन लोग गंभीर बीमार होने पर अस्पताल में भर्ती थे। पानी के सैंपल लैब में फेल पाए गए और उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने भी डायरिया प्रभावित पेयजल स्कीमों का दौरा कर यहां पर एक करोड़ की लागत से वाटर ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित करने के लिए शॉर्ट टेंडर लगाने की घोषणा की थी। अभी तक योजना सिरे नहीं चढ़ पाई है।
कांग्रेस सरकार बदले की भावना से कार्य कर रही है। वर्तमान सरकार के इस निर्णय से लोगों को कई तरह की परेशानियां हो रही हैं। लोगों की सुविधा के लिए खोले गए कार्यालय जनहित में शीघ्र बहाल किए जाने चाहिए। -आशु मंडयाल, समाजसेवी
जनता की मुश्किलों को समझते हुए सरकार ने उपमंडल स्तर पर जल शक्ति विभाग के डिवीजन को खोला था। नई सरकार की ओर से इसे डिनोटिफाई करना गलत फैसला है। जनहित में इस कार्यालय को शीघ्र बहाल किया जाए। -विशाल कुमार, ग्रामीण
पहले टेंडर संबंधी प्रक्रिया डिवीजन में ही पूरी की जा सकती थी। अब 28 किलोमीटर दूर हमीरपुर जिला मुख्यालय जाकर टेंडर समेत अन्य कार्य करवाने पड़ रहे हैं। इससे नादौन के लोगों का समय और धन बर्बाद हो रहा है। -जितेंद्र कुमार, ग्रामीण
पूर्व की भाजपा सरकार ने लोगों की दिक्कतों को समझते हुए नादौन में जल शक्ति विभाग का मंडल कार्यालय खोला था। एक्सईएन समेत विभाग में आधा दर्जन पदों को भी भरा गया था। लेकिन, कांग्रेस सरकार ने लोगों की सुविधाओं को छीनने का काम किया। -पवन शर्मा, ग्रामीण