जल शक्ति विभाग: मंत्री महेंद्र बोले- दो दशक पहले बनीं पेयजल परियोजनाओं की होगी मरम्मत
प्रदेश में दो दशक पहले बनीं पेयजल परियोजनाओं का मरम्मत कार्य एशियन विकास बैंक की वित्त पोषित परियोजना से किया जाएगा। जल शक्ति विभाग इन परियोजनाओं का पता लगाकर इसकी औपचारिकताओं को पूरा करने में जुट गया है।
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हिमाचल प्रदेश में दो दशक पहले बनीं पेयजल परियोजनाओं का मरम्मत कार्य एशियन विकास बैंक की वित्त पोषित परियोजना से किया जाएगा। जल शक्ति विभाग इन परियोजनाओं का पता लगाकर इसकी औपचारिकताओं को पूरा करने में जुट गया है। यह बात जल शक्ति मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर ने शनिवार को मनाली में जलशक्ति विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक में कही। उन्होंने कहा कि वित्त पोषित परियोजना में प्रदेश के पांच शहरों को बेहतर जलापूर्ति और स्वच्छता सुविधाएं देने के लिए मंजूरी मिली है। इसमें कुल्लू, पालमपुर, नाहन, बिलासपुर और करसोग शहरों को शामिल किया गया है।
उन्होंने कहा कि राज्य की पेयजल परियोजनाओं के लिए कुल 2,534.60 करोड़ रुपये की तीन बड़ी बाह्य सहायता परियोजनाएं स्वीकृत हुई हैं। इनमें एशियन विकास बैंक की ओर से वित्त पोषित 1,064.67 करोड़ रुपये की हिमाचल ग्रामीण पेयजल सुधार परियोजना, न्यू विकास बैंक की तरफ से वित्तपोषित प्रदेश की छूटी या आंशिक तौर पर शामिल बस्तियों को जलापूर्ति प्रदान करने के लिए 743 करोड़ रुपये की परियोजना और 726.93 करोड़ रुपये की हिमाचल प्रदेश के पांच शहरों को बेहतर जलापूर्ति व स्वच्छता सुविधाएं प्रदान करने की परियोजना शामिल हैं।
31 अगस्त तक टेंडर प्रक्रिया को पूरा करें अधिकारी
जल शक्ति मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर ने कहा है कि मनाली और आसपास की ग्राम पंचायतों के लिए तैयार की गई करीब 315 करोड़ रुपये की मल निकासी परियोजना का कार्य अगले तीन से चार माह के भीतर शुरू होगा। उन्होंने अभियंताओं को निर्देश दिए हैं कि इस परियोजना के निर्माण के लिए टेंडर प्रक्रिया को आगामी 31 अगस्त तक पूरा कर लें, जिससे सितंबर में कार्य शुरू किया जा सके।