शिमला: आज जाखू मंदिर जाना है तो गाड़ी छोड़ने को रहें तैयार, नवबहार से आगे पैदल; बुजुर्गों के लिए ये व्यवस्था
दशहरा उत्सव के दौरान जाखू मंदिर में दर्शन के लिए पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को इस बार अपनी यात्रा की योजना पहले से बनानी होगी। शिमला पुलिस ने यातायात व्यवस्था सुचारू बनाए रखने के लिए मंदिर की ओर जाने वाली कारों को नवबहार में रोकने का निर्णय लिया है।
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देवभूमि हिमाचल की राजधानी शिमला में दशहरा उत्सव के दौरान जाखू मंदिर में दर्शन की इच्छा लेकर पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को इस बार अपनी यात्रा का तरीका थोड़ा बदलना होगा। पहाड़ों के बीच बसे प्रसिद्ध जाखू मंदिर तक पहुंचने के लिए जहां श्रद्धालु आम दिनों में अपने निजी वाहनों का इस्तेमाल करते हैं, वहीं उत्सव के दौरान यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए पुलिस ने विशेष प्रबंध किए हैं। इसके तहत मंदिर की ओर जाने वाली कारों को नवबहार में ही रोक दिया जाएगा। ऐसे में श्रद्धालुओं को यहां से आगे का रास्ता पैदल तय करना होगा।
जाखू मंदिर जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए नवबहार महत्वपूर्ण पड़ाव रहेगा। यहां तक निजी कार से पहुंचने के बाद आगे मंदिर की ओर जाने के लिए पैदल चलना होगा। ऐसे में श्रद्धालुओं को अपनी यात्रा की योजना पहले से बनाकर चलने की जरूरत है। खासकर परिवार के साथ दर्शन के लिए आने वाले लोगों को समय का ध्यान रखना होगा, ताकि रास्ते में होने वाली संभावित भीड़ के कारण परेशानी न हो।
जाखू मंदिर तक पहुंचने के लिए पैदल चढ़ाई हर किसी के लिए आसान नहीं होती। विशेष रूप से बुजुर्गों, स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों से जूझ रहे लोगों और अन्य कारणों से पैदल चलने में असमर्थ श्रद्धालुओं के सामने कठिनाई आ सकती है। ऐसे लोगों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए एचआरटीसी की टैक्सियों की व्यवस्था की गई है।
धार्मिक उत्सवों के दौरान बड़ी संख्या में लोगों का एक ही स्थान पर पहुंचना स्वाभाविक है। ऐसी स्थिति में यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन के प्रबंधों के साथ आमजन का सहयोग भी जरूरी होता है। जाखू मंदिर जाने वाले श्रद्धालु यदि निजी वाहनों के इस्तेमाल से बचें, निर्धारित पार्किंग व्यवस्था का पालन करें और पुलिस के निर्देशों के अनुसार यात्रा करें, तो आवाजाही को सुचारू बनाए रखने में मदद मिल सकती है।
शिमला पुलिस ने श्रद्धालुओं से सहयोग की अपील की है। ऐसे में जाखू मंदिर में दर्शन के लिए जाने वाले लोगों के लिए बेहतर होगा कि वे घर से निकलने से पहले अपनी यात्रा की योजना बना लें और बुजुर्गों या पैदल चलने में असमर्थ परिजनों के साथ जा रहे हों, तो उनके लिए उपलब्ध परिवहन सुविधा को ध्यान में रखें।