तकनीकी शिक्षा निदेशालय: हिमाचल में खुलेंगे नए निजी आईटीआई, एआई और ड्रोन तकनीक के होंगे कोर्स
प्रदेश में औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) में आधुनिक तकनीक और रोजगार की बदलती जरूरतों के अनुसार कोर्स शुरू किए जाएंगे।
विस्तार
हिमाचल प्रदेश में औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) में आधुनिक तकनीक और रोजगार की बदलती जरूरतों के अनुसार कोर्स शुरू किए जाएंगे। अब प्रदेश में नए निजी आईटीआई खोलने के साथ पारंपरिक ट्रेडों के बजाय आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), ड्रोन तकनीक, इलेक्ट्रिक वाहन और सौर ऊर्जा जैसे आधुनिक क्षेत्रों में प्रशिक्षण शुरू करने पर जोर दिया जाएगा। तकनीकी शिक्षा, व्यावसायिक एवं औद्योगिक प्रशिक्षण निदेशालय ने शैक्षणिक सत्र 2027-28 के लिए नए निजी आईटीआई खोलने और मौजूदा संस्थानों में नए ट्रेड व यूनिट शुरू करने के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं। इस पहल का असर प्रदेश में व्यावसायिक शिक्षा के विकल्पों पर पड़ सकता है। दसवीं और बारहवीं के बाद तकनीकी प्रशिक्षण लेने के इच्छुक विद्यार्थियों को भविष्य में ऐसे पाठ्यक्रमों के विकल्प मिल सकते हैं, जिनकी जरूरत आधुनिक उद्योगों में बढ़ रही है।
न्यूनतम दो ट्रेड और चार यूनिट का प्रावधान
निदेशालय के दिशा-निर्देशों के अनुसार, हिमाचल प्रदेश जैसे पहाड़ी राज्य में नए निजी आईटीआई के लिए न्यूनतम दो ट्रेड और चार यूनिट का प्रावधान किया गया है। वहीं, अन्य क्षेत्रों में चार ट्रेड और आठ यूनिट शुरू करना जरूरी होगा। विभाग ने इसके लिए 31 आधुनिक ट्रेडों की सूची जारी की है। इसके तहत विभाग की ओर से 31 आधुनिक ट्रेडों की सूची जारी की गई है। इनमें एआई प्रोग्रामिंग असिस्टेंट, ड्रोन पायलट (जूनियर), ड्रोन तकनीशियन, इलेक्ट्रिक वाहन मैकेनिक, ग्रीन हाइड्रोजन उत्पादन तकनीशियन, 5जी नेटवर्क तकनीशियन, सेमीकंडक्टर तकनीशियन, साइबर सुरक्षा सहायक, औद्योगिक रोबोटिक्स और सोलर तकनीशियन सहित अन्य कोर्स शामिल हैं। इन ट्रेडों के माध्यम से विद्यार्थियों को डिजिटल तकनीक, स्वचालन, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी और स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में प्रशिक्षण मिल सकेगा।
मांग के आधार पर मिलेगी अनुमति
नए ट्रेड शुरू करने के लिए विद्यार्थियों की मांग को भी ध्यान में रखा जाएगा। यदि किसी जिले में किसी ट्रेड की 50 प्रतिशत से अधिक सीटें लगातार तीन वर्षों तक खाली रहती हैं, तो उस ट्रेड के लिए अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) का आवेदन अस्वीकार किया जा सकता है। इससे संस्थानों को स्थानीय जरूरतों और रोजगार की संभावनाओं के अनुसार ट्रेड चुनने होंगे। आवेदनों की जांच और एनओसी जारी करने की प्रक्रिया पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर होगी। हालांकि, विद्यार्थियों को प्रवेश देने से पहले संस्थान के लिए प्रशिक्षण महानिदेशालय (डीजीटी) से अंतिम संबद्धता प्राप्त करना अनिवार्य होगा।
31 अक्तूबर तक करें आवेदन
नए निजी आईटीआई खोलने और मौजूदा संस्थानों में नए ट्रेड या यूनिट शुरू करने के इच्छुक व्यक्ति, सोसायटी, ट्रस्ट और कंपनियां डीजीटी के पोर्टल पर 31 अक्तूबर 2026 तक आवेदन कर सकते हैं। प्रारंभिक आवेदन के लिए पांच हजार रुपये प्लस जीएसटी शुल्क निर्धारित है। इसके बाद राज्य स्तर पर 15 हजार रुपये का गैर-वापसी योग्य आवेदन शुल्क जमा करना होगा।