Shimla: नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर बोले- जॉब ट्रेनी की नीति ही लानी थी तो क्यों दी पक्की नौकरी की गारंटी
नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि जॉब ट्रेनी की योजना प्रदेश के युवाओं के साथ सुक्खू सरकार का भद्दा मजाक है। इस तरह की योजनाएं प्रदेश में स्वीकार नहीं हैं। सरकार इस युवा विरोधी योजना को वापस ले। यह कितनी हैरानी की बात है कि जो सरकार 58 साल वाली पक्की नौकरी देने की गारंटी देकर पहले कैबिनेट में एक लाख सरकारी नौकरी की गारंटी देकर, पांच लाख नौकरी की गारंटी देकर सत्ता में आई हो वह इस तरह से युवा विरोधी काम कर रही है। झूठ बोलकर, झूठी गारंटियां देकर सत्ता में आने के बाद से ही सुक्खू सरकार नौकरियां छीनने, नौकरियां नहीं देने, नौकरियां खत्म करने, नौकरियों से निकालने और नौकरियों की संभावना को समाप्त करने की दिशा में ही साजिशें कर रही हैं। इस सरकार ने ढाई साल से ज्यादा के कार्यकाल में लोगों को नौकरियां देने का एक भी प्रयास ईमानदारी से नहीं किया।
सरकार सारा तिकड़म नौकरियां निकालने के बजाय नौकरियों से निकालने का ही कर रही है। यह जन विरोधी, युवा विरोधी, प्रदेश विरोधी सरकार है। जयराम ठाकुर ने सरकार से आग्रह है कि वह प्रदेश के युवाओं का भी ध्यान अपने मित्रों की तरह ही रखे। मित्रों को लाभ देने के लिए सरकार सैकड़ों रास्ते तलाश लेती है लेकिन जब युवाओं को उनका हक देने की बात आती है तो सरकार उनसे उनका हक छीनने के रास्ते तलाशती है। सत्ता में आने के बाद से ही सुख की सरकार ने युवाओं को नौकरी देने वाले संस्थान को ही बंद कर दिया। इसके बाद 26 अक्तूबर 2024 को ही सरकार ने दो साल से खाली पड़े सभी पद समाप्त कर दिए हैं। इससे डेढ़ लाख से ज्यादा नौकरियां खत्म हो गईं।
दो साल बाद सरकार ने कर्मचारी चयन आयोग बहाल तो किया लेकिन वह भी फंक्शनल नहीं हुआ। आयोग के पास परीक्षा आयोजित कारवाने का ही कोई इंतजाम नहीं है। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि आखिर सरकार किस मंशा से काम कर रही है। सरकार की हर गतिविधि हर नीति प्रदेश विरोधी होती है, प्रदेश के युवाओं की विरोधी होती है। विकास विरोधी होती है। आखिर सरकार चाहती क्या है? पहले सरकार ने युवाओं को नियमानुसार रेगुलर करने में अड़ंगे लगाए। अब सरकार ने भर्ती नियमों में ही उलटफेर कर दिया और कर्मचारियों के अनुबंध खत्म करके जॉब ट्रेनी की नीति लेकर आए हैं जिसका प्रदेश भर में भारी विरोध हो रहा है। ऐसे में सरकार की कार्यप्रणाली और मंशा पर भी सवाल उठ रहे हैं कि सरकार की एक भी नीति, एक भी योजना की प्रदेश के लोगों की ओर से सराहना क्यों नहीं होती है?