HP Politics: जयराम बोले- कांग्रेस कार्यकर्ता सरकारी संस्थानों में उद्घाटन करने गए तो उनसे वहीं निपटेंगे
पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा है कि कांग्रेस कार्यकर्ता जो संवैधानिक पद पर नहीं हैं और सरकारी संस्थानों में जाकर उद्घाटन कर उन्हें गाली-गलौज करते दिखाई दिए तो उनसे वहीं पर निपटा जाएगा।
विस्तार
नेता प्रतिपक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा है कि कांग्रेस कार्यकर्ता जो संवैधानिक पद पर नहीं हैं और सरकारी संस्थानों में जाकर उद्घाटन कर उन्हें गाली-गलौज करते दिखाई दिए तो उनसे वहीं पर निपटा जाएगा। जयराम ने दो टूक कहा कि फिर भी नहीं माने तो उन्हें मंच से नीचे उतारा जाएगा। जयराम ठाकुर सराज विस क्षेत्र के बालीचौकी में भाजपा कार्यकर्ताओं के सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने तल्ख तेवर दिखाते हुए कहा कि सराज के साथ अगर प्रदेश के अन्य हलकों में ऐसे कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने ऐसी हरकत की तो उन्हें भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जयराम ने कहा कि राहुल गांधी ने जैसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ झूठ का सहारा लेकर गाली-गलौज किया।
अगर कांग्रेस नेताओं ने प्रदेश में यह परंपरा बरकरार रखी तो उनके खिलाफ भी कानूनी लड़ाई लड़ी जाएगी। जयराम ने कहा कि पांच साल वह नरम रहे हैं और अब लोगों के कहने पर सख्त हो गए हैं। आगे वह और सख्त होंगे। जयराम ने कहा कि कुछ सरकारी कर्मचारी भी उन्हें गाली दे रहे हैं। जयराम ने ऐसे कर्मचारियों को खलड़ी में रहने की नसीहत दी है। सुक्खू सरकार ने प्रदेश की जनता के साथ खिलवाड़ किया है और झूठ बोल रहे हैं। विस सत्र में ऐसा पहली बार देखने को मिला है कि मुख्यमंत्री और मंत्री काली पट्टी बांधकर आए हों। कहा कि सत्र के बाद वह सराज के लोगों के हर दुख में साथ रहेंगे।
राहुल मुद्दे पर सत्ताधारी पार्टी का सदन को स्थगित कराना दुर्भाग्यपूर्ण : जयराम
भाजपा के वरिष्ठ नेता और नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि राहुल गांधी कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हैं और उनकी आदत बन चुकी है कि वह अपने भाषण में आम जनता और विभिन्न सामाजिक समुदाय की भावनाओं को बार-बार ठेस पहुंचाते हैं। ऐसी एक घटना नहीं है, अनेकों घटनाएं हो चुकी हैं। अब तो ऐसी घटनाएं देश तक सीमित नहीं रही हैं। विदेश में भी राहुल गांधी ने की है। कांग्रेस के नेता राहुल गांधी पर सूरत कोर्ट में मानहानि का मामला चल रहा था, जिसके अंतर्गत उन्हें 2 साल की सजा सुनाई गई। इसके उपरांत भारत के संविधान के अनुच्छेद 102 (1) रिप्रेजेंटेशन आफ पीपल्स एक्ट 1951 की धारा 8 के अंतर्गत स्पष्ट लिखा है कि अगर किसी सांसद या विधायक को किसी अपराध में दोषी ठहराया जाता है और उसे 2 साल या इससे ज्यादा समय के लिए सजा सुनाई जाती है तो उसकी संसद या विधानसभा की सदस्यता खत्म हो जाती है।
जयराम ने कहा कि इससे स्पष्ट होता है कि राहुल गांधी की सदस्यता किसी राजनीतिक प्रेरणा से समाप्त नहीं की गई है। कल जो विधानसभा परिसर में हुआ वह दुर्भाग्यपूर्ण था। जब प्रदेश के मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री और मंत्री सांविधानिक पदों पर रहकर विधानसभा का बहिष्कार करते हुए केंद्र सरकार के खिलाफ नारे लगाते हुए बाहर निकल गए। भाजपा विधायक दल ने पॉइंट ऑफ ऑर्डर के अंतर्गत राहुल गांधी मुद्दे पर चर्चा की मांग की। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी पर मानहानि के अनेकों मामले भारत में चल रहे हैं, जिसमें से 2014 और 2016 के मामले हमारे समक्ष हैं। 1976 में सुब्रह्मण्यन स्वामी, 1978 में इंदिरा गांधी, 2005 में 11 सांसद , 2013 में लालू प्रसाद यादव जैसे कई नेताओं ने अपनी सदस्यता इस कानून के अंतर्गत खोई है।