मंत्रिमंडल विस्तार के मंत्र से वरिष्ठ विधायकों का वशीकरण करने में कामयाब हुए जयराम
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मंत्रिमंडल विस्तार के मंत्र से मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर अपनी सरकार के खिलाफ ही आक्रामक रहते आए वरिष्ठ भाजपा विधायकों का वशीकरण करने में कामयाब हो गए हैं। हिमाचल विधानसभा के शीत सत्र के चौथे दिन भी मंत्री पद के दावेदार माने जा रहे नूरपुर के विधायक राकेश पठानिया और मुख्य सचेतक पद से कैबिनेट मंत्री बनने की पदोन्नति चाह रहे नरेंद्र बरागटा जयराम ठाकुर की तारीफों के पुल बांधते रहे। कैबिनेट मंत्री के बराबर के राज्य योजना बोर्ड के उपाध्यक्ष रमेश ध्वाला में भी अब सरकार के खिलाफ पहले की तरह आक्रामक नहीं हैं।
इसी तरह से पांवटा के विधायक सुखराम चौधरी के तेवर भी अब नरम नजर आ रहे हैं। इससे सत्तारूढ़ दल पहले से अधिक एकजुट दिख रहा है। सदन के नेता मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर हिमाचल प्रदेश की इस तेरहवीं विधानसभा के सातवें सत्र में अपने उन तमाम वरिष्ठ विधायकों को काबू किए नजर आ रहे हैं, जो शुरुआती सत्रों में विभिन्न मुद्दों पर जब कभी आक्रामक हो जाते थे। शुरू में जब जयराम के नेतृत्व की कैबिनेट बनी तो रेस में होने पर भी चार वरिष्ठ विधायक मंत्री बनने से रह गए, जबकि वे इसकी उम्मीद लगाए थे। सरकार ने बरागटा और ध्वाला को कैबिनेट मंत्री के बराबर की सुविधाओं वाले पद दे दिए।
बरागटा के लिए नया मुख्य सचेतक का पद सृजित हुआ तो ध्वाला को राज्य योजना बोर्ड का उपाध्यक्ष बनाया गया। शीत सत्र के चौथे दिन भी सदन में नरेंद्र बरागटा पर्यटन पर गैर सरकारी संकल्प लेकर आए तो इसमें करीब दस मिनट में उन्होंने सीएम जयराम ठाकुर की एक दर्जन से ज्यादा बार विभिन्न मामलों पर प्रशंसा की। कुछ हफ्ते पहले वह ओकओवर में भी शक्ति प्रदर्शन कर चुके हैं। बरागटा पहले धूमल गुट में रहे हैं तो जयराम की ताबड़तोड़ तारीफ के बीच वह धूमल का नाम लेना भी नहीं भूले कि वह जब मुख्यमंत्री थे तो उनके चांशल क्षेत्र के लिए सड़क बनाई थी।
इसी तरह से राकेश पठानिया भी सदन में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के नेतृत्व में हुई पर्यटन नीतियों और ग्लोबल इन्वेस्टर मीट की तारीफ करते हुए बोले कि इससे जयराम ठाकुर का पूरे देश में नाम हुआ है। अब हिमाचल में ग्लोबल पर्यटन मीट करवाए जाने की जरूरत है। बरागटा और पठानिया पिछले कुछ दिनों से मुख्यमंत्री की जमकर प्रशंसा कर रहे हैं।
अब रमेश ध्वाला भी शांत नजर आते हैं। हालांकि, सुखराम चौधरी बीच-बीच में मंत्रियों से सवाल जरूर करते हैं, मगर वह भी पहले से अधिक संयम में नजर आ रहे हैं। वीरवार को भी सुखराम चौधरी ने सरकार से पेयजल स्कीमों पर नरमी से सवाल किया। उधर, सीएम जयराम ठाकुर बीच-बीच में मंत्रिमंडल विस्तार का राग जरूर छेड़ देते हैं, पर वह भी अपने पत्ते नहीं खोल रहे हैं। दूसरी ओर मंत्रियों की रिक्तियों पर वरिष्ठ विधायकों की नजरें गड़ी हैं।