निवेश के लिए जयराम सरकार की कोई स्पष्ट नीति नहीं: बाली
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पूर्व परिवहन मंत्री जीएस बाली ने प्रेस वार्ता में कहा कि जयराम सरकार की बेशक निवेश के लिए नियत होगी, लेकिन कोई भी स्पष्ट नीति नहीं है। ग्लोबल इन्वेस्टर्स मीट में निवेशकों से अधिक भाजपा कार्यकर्ता थे। मुख्यमंत्री कह रहे हैं कि जितने निवेश के एमओयू हुए हैं, उतना निवेश नहीं होगा। ऐसे में मीट में कहां कितना खर्च हुआ है, उसका श्वेत पत्र सरकार को जारी करना चाहिए।
प्रचार और प्रसार में जितना खर्च हुआ है, क्या उतना प्रदेश के 15 फीसदी बेरोजगारों को लाभ मिलेगा? प्रदेश में सरकार निवेशकों को आधारभूत सुविधाएं प्रदान नहीं कर पा रही है। जहां बिजली कट लग रहे हैं, वहीं कांगड़ा, कुल्लू और मंडी में पांच हजार केवी बिजली की जरूरत है, यह कहां से मिलेगी। सरकार ने हाउसिंग में निवेश करने के लिए निवेशकों से आह्वान किया है। यदि प्रदेश में 15 लाख लोगों की बढ़ोतरी होती है, तो सरकार उन्हें बिजली और पानी मुहैया करवा पाएगी।
उन्होंने कहा कि विदेशों से निवेशक बुलाए जा रहे हैं, जबकि स्थानीय निवेशकों को धारा 118 के तहत अनुमति ही सरकार प्रदान नहीं करती है। वहीं निवेशक सम्मेलन में बड़े औद्योगिक घरानों के न आने से 500 करोड़ तक का निवेश कोई भी निवेशक नहीं कर रहा है। ऐसे में बड़े उद्योग न लगने से बेरोजगारों को रोजगार कैसे मिलेगा। उन्होंने यह भी सरकार से पूछा है कि कांगड़ा और चंबा को निवेशक सम्मेलन से कितना लाभ होने वाला है। वह निवेशक सम्मेलन को लेकर सरकार को खुली बहस के लिए तैयार हैं।
ग्लोबल इन्वेस्टर्स मीट प्रदेश के विकास में नया अध्याय : कंवर
ग्रामीण विकास, पंचायती राज एवं पशु पालन मंत्री ने धर्मशाला में हुई ग्लोबल इन्वेस्टर्स मीटर को प्रदेश के विकास में नया अध्याय बताया है। वीरेंद्र कंवर ने कहा कि प्रदेश के इतिहास में पहली बार इतने बड़े स्तर पर निवेशकों ने भागीदारी की और उन्हें प्रदेश में निवेश की संभावनाओं के बारे में जानकारी प्रदान की गई। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के विशेष प्रयासों से मीट अपने निर्धारित लक्ष्य को हासिल करने में पूर्ण रूप से सफल हुई है। देश और विदेश की विभिन्न कंपनियों के साथ 600 से अधिक समझौते हुए, जिनसे लगभग 93 हजार करोड़ रुपये का निवेश आएगा।
इससे प्रदेश के युवाओं को रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे और लगभग दो लाख युवाओं को नौकरियां मिलेंगी। इससे प्रदेश की आर्थिकी भी सुदृढ़ होगी। राज्य सरकार ने निवेश को आकर्षित करने के लिए नीतियों में बदलाव भी किए हैं। पांच सेक्टर विशिष्ट नीतियों की शुरुआत की गई है। औद्योगिक निवेश नीति 2019, हिमाचल प्रदेश पर्यटन नीति, फिल्म नीति 2019, आयुष नीति, आईटी व आईटीईएस और ईएसडीएम नीति, जो इस क्षेत्र में सर्वोत्तम प्रोत्साहन प्रदान करती है। नई औद्योगिक नीति के अनुसार एमएसएमई के लिए स्व-प्रमाणन शुरू किया गया है और अब लैंड टाइटल प्राप्त करने के बाद उद्यमी किसी भी एनओसी की प्रतीक्षा किए बिना दो साल तक स्व-प्रमाणन के माध्यम से परियोजना की शुरूआत कर सकते हैं।
इन्वेस्टर्स मीट से बदलेगी प्रदेश की तस्वीर : गणेश दत्त
प्रदेश भाजपा के उपाध्यक्ष गणेश दत्त ने ग्लोबल इन्वेस्टर्स मीट को प्रदेश के आर्थिक भविष्य के लिए एक ठोस एवं प्रभावशाली शुरुआत बताते हुए इसके सफल आयोजन के लिए मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर को बधाई दी है। उन्होंने कहा कि 1 लाख 85 हजार बेरोजगार नौजवानों को रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे। वहीं 93 हजार करोड़ का प्रदेश में निवेश होगा, जिससे प्रदेश के विकास को नए पंख लगेंगे।
दत्त ने पूर्व मंत्री जीएस बाली के बयान को कुंठा से ग्रस्त बताते हुए कहा कि मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा से इन्वेस्टर्स मीट को आयोजित किया है और उसके सकारात्मक परिणाम शीघ्र ही कांग्रेस नेताओं को देखने को मिलेंगे। कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इन्वेस्टर्स मीट की शुरुआत तब की थी, जब वह गुजरात के मुख्यमंत्री थे और आज गुजरात एक विकसित राज्य के रूप में देश का सिरमौर बन गया है।
उसी तर्ज पर हिमाचल प्रदेश भी विकास के क्षेत्र में पहाड़ी राज्यों का शिरोमणि बनकर सामने आएगा। दत्त ने कांग्रेस नेताओं से कहा कि वह नकारात्मक मानसिकता से उठकर प्रतिक्रिया दें और अपने नकारात्मक राजनीति को सकारात्मक बनाते हुए प्रदेश के विकास में सहयोग करें।