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Shimla News: एनीमिया दूर करने के लिए पोषण युक्त आहार लेना जरूरी
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गर्ल्स स्कूल पोर्टमोर में आयोजित अपराजिता कार्यक्रम में चिकित्सा अधिकारी ने छात्राओं को किया जागरूक
पालक, गुड़, अनार और हरी सब्जियां खाएं : डॉ. मीना
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। महिलाओं और छात्राओं में इन दिनों स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं में एनीमिया (रक्त की कमी) होना आम हो गया है। इसे दूर करने के लिए सही पोषणयुक्त आहार लेना सबसे जरूरी है।
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक गर्ल्स स्कूल पोर्टमोर में सोमवार को अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से आयोजित अपराजिता कार्यक्रम में आयुर्वेद चिकित्सा अधिकारी डॉ. मीना गुप्ता ने यह बात कही। उन्होंने छात्राओं को व्यक्तिगत स्वच्छता और महिला स्वास्थ्य देखभाल के प्रति जागरूक किया। उन्होंने एनीमिया की कमी से बचने के लिए पालक, गुड़, अनार और हरी सब्जियां खाने की सलाह दी। इसके अलावा उन्होंने छात्राओं को मासिक धर्म के प्रति जागरूक किया। उन्होंने कहा कि इस दौरान छात्राओं के शरीर में बहुत बदलाव आते हैं जिनसे घबराना नहीं चाहिए। यदि मासिक धर्म के दौरान पेट में बहुत ज्यादा दर्द होना, बहुत ज्यादा सफेद पानी आना, मासिक धर्म का बहुत अनियमित होना, चेहरे पर अचानक ज्यादा बाल आना या वजन तेजी से बढ़ रहा है तो इसे अनदेखा न करें। इसके लिए तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। इस दौरान नहाना बहुत जरूरी है। इससे मांसपेशियों का तनाव कम होता है और आप तरोताजा महसूस करती हैं।
डॉ. मीना गुप्ता ने बताया कि शरीर को स्वस्थ रखने के लिए सबसे पहले योग को अपनी दिनचर्या में शामिल करें। शरीर 80 फीसदी रोग हाथों से कीटाणु जाने की वजह से होते हैं, इसलिए जितना हो सके अपने हाथों को साफ रखें। कार्यक्रम का संचालन स्कूल की शिक्षिका तृप्ता शर्मा ने किया। इस अवसर पर अर्चना वर्मा, निशा वर्मा, नेहा और टेकचंद सहित अन्य शिक्षक मौजूद रहे।
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उपयोगी साबित हुआ कार्यक्रम
अपराजिता कार्यक्रम के माध्यम से छात्राओं को न केवल मासिक स्वच्छता के प्रति जागरूक किया गया बल्कि आत्मनिर्भर और जागरूक नागरिक बनने के लिए भी प्रेरित किया। यह कार्यक्रम छात्राओं के लिए बेहद उपयोगी और ज्ञानवर्धक साबित हुआ।
-रक्षा जमवाल, उपप्रधानाचार्य
छात्राएं बोलीं-ऐसे कार्यक्रम लाभदायक
स्कूली छात्रा मालवी ने कहा कि मासिक स्वच्छता विषयों पर खुलकर चर्चा होना समाज के सकारात्मक बदलाव का संकेत है। इस तरह के कार्यक्रम समय-समय पर आयोजित किए जाने चाहिए।
छात्रा कनिष्का ने कहा कि महिलाओं को मासिक धर्म के दौरान बरतने वाली स्वच्छता के बारे में पता नहीं होता था जिससे वह गंभीर बीमारियों से ग्रसित हो जाती हैं। इस कार्यक्रम में अच्छी और नई जानकारी मिली।
ममता ने चिकित्सा अधिकारी से पूछा कि मासिक धर्म में पेट में दर्द होने पर पेन किलर लेना सही है या गलत। इस पर अधिकारी ने बताया कि जितना हो सके दर्द की दवाई न लें। इस दौरान पेट पर गर्म पानी की बोतल रखना, कॉफी पीना, अदरक की चाय या गुड़ तथा शक्कर का सेवन करें।
ममता वालिया ने कहा कि कार्यक्रम से हमें पता चला की स्वस्थ रहने के लिए पोषणयुक्त आहार सबसे जरूरी है। वहीं इसके अलावा हमें आयुर्वेद में बताए गए नियमित आहार के बारे में जानकारी मिली।
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पालक, गुड़, अनार और हरी सब्जियां खाएं : डॉ. मीना
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। महिलाओं और छात्राओं में इन दिनों स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं में एनीमिया (रक्त की कमी) होना आम हो गया है। इसे दूर करने के लिए सही पोषणयुक्त आहार लेना सबसे जरूरी है।
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक गर्ल्स स्कूल पोर्टमोर में सोमवार को अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से आयोजित अपराजिता कार्यक्रम में आयुर्वेद चिकित्सा अधिकारी डॉ. मीना गुप्ता ने यह बात कही। उन्होंने छात्राओं को व्यक्तिगत स्वच्छता और महिला स्वास्थ्य देखभाल के प्रति जागरूक किया। उन्होंने एनीमिया की कमी से बचने के लिए पालक, गुड़, अनार और हरी सब्जियां खाने की सलाह दी। इसके अलावा उन्होंने छात्राओं को मासिक धर्म के प्रति जागरूक किया। उन्होंने कहा कि इस दौरान छात्राओं के शरीर में बहुत बदलाव आते हैं जिनसे घबराना नहीं चाहिए। यदि मासिक धर्म के दौरान पेट में बहुत ज्यादा दर्द होना, बहुत ज्यादा सफेद पानी आना, मासिक धर्म का बहुत अनियमित होना, चेहरे पर अचानक ज्यादा बाल आना या वजन तेजी से बढ़ रहा है तो इसे अनदेखा न करें। इसके लिए तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। इस दौरान नहाना बहुत जरूरी है। इससे मांसपेशियों का तनाव कम होता है और आप तरोताजा महसूस करती हैं।
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डॉ. मीना गुप्ता ने बताया कि शरीर को स्वस्थ रखने के लिए सबसे पहले योग को अपनी दिनचर्या में शामिल करें। शरीर 80 फीसदी रोग हाथों से कीटाणु जाने की वजह से होते हैं, इसलिए जितना हो सके अपने हाथों को साफ रखें। कार्यक्रम का संचालन स्कूल की शिक्षिका तृप्ता शर्मा ने किया। इस अवसर पर अर्चना वर्मा, निशा वर्मा, नेहा और टेकचंद सहित अन्य शिक्षक मौजूद रहे।
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उपयोगी साबित हुआ कार्यक्रम
अपराजिता कार्यक्रम के माध्यम से छात्राओं को न केवल मासिक स्वच्छता के प्रति जागरूक किया गया बल्कि आत्मनिर्भर और जागरूक नागरिक बनने के लिए भी प्रेरित किया। यह कार्यक्रम छात्राओं के लिए बेहद उपयोगी और ज्ञानवर्धक साबित हुआ।
-रक्षा जमवाल, उपप्रधानाचार्य
छात्राएं बोलीं-ऐसे कार्यक्रम लाभदायक
स्कूली छात्रा मालवी ने कहा कि मासिक स्वच्छता विषयों पर खुलकर चर्चा होना समाज के सकारात्मक बदलाव का संकेत है। इस तरह के कार्यक्रम समय-समय पर आयोजित किए जाने चाहिए।
छात्रा कनिष्का ने कहा कि महिलाओं को मासिक धर्म के दौरान बरतने वाली स्वच्छता के बारे में पता नहीं होता था जिससे वह गंभीर बीमारियों से ग्रसित हो जाती हैं। इस कार्यक्रम में अच्छी और नई जानकारी मिली।
ममता ने चिकित्सा अधिकारी से पूछा कि मासिक धर्म में पेट में दर्द होने पर पेन किलर लेना सही है या गलत। इस पर अधिकारी ने बताया कि जितना हो सके दर्द की दवाई न लें। इस दौरान पेट पर गर्म पानी की बोतल रखना, कॉफी पीना, अदरक की चाय या गुड़ तथा शक्कर का सेवन करें।
ममता वालिया ने कहा कि कार्यक्रम से हमें पता चला की स्वस्थ रहने के लिए पोषणयुक्त आहार सबसे जरूरी है। वहीं इसके अलावा हमें आयुर्वेद में बताए गए नियमित आहार के बारे में जानकारी मिली।