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ISI के निशाने पर देश के सैन्य अफसर, IB का अलर्ट

Sun, 21 Feb 2016 09:47 AM IST
Updated Sun, 21 Feb 2016 09:47 AM IST
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ISI targeting retired army officers of india.

देश के सैन्य और गृह विभाग से जुड़े रिटायर और मझौले स्तर के अफसर पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई के निशाने पर हैं। आईबी ने अलर्ट जारी किया है कि किसी भी व्यक्ति से फोन पर कोई भी आधिकारिक जानकारी साझा न करें।

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आईएसआई कॉल स्पूफिंग के जरिये मध्यम वर्ग के अधिकारियों से संपर्क कर सेना व गृह विभाग के राज उगलवाने की कोशिश कर रही है। आईएसआई एजेंट कॉल स्पूफिंग के जरिये भारत से ही फोन करने का भ्रम फैलाकर झांसा देने की फिराक में हैं।
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आईबी की ओर से देशभर के सीआरपीएफ, एनएसजी, एसएसबी, सीआईएसएफ, बीएसएफ और सभी राज्यों के महानिदेशकों और मुख्य सचिवों को पत्र भेजा गया है।

पत्र में आईबी ने दी है ये जानकारी

ISI targeting retired army officers of india.

इसमें बताया गया है कि पाकिस्तानी एजेंट खुद को डिफेंस सर्विस अफसर बताकर बड़ी चालाकी से भारतीय अधिकारियों व कर्मचारियों से दोस्ताना बातचीत कर उनसे ऐसी जानकारी निकलवाने की कोशिश करते हैं जिससे वह देश विरोधी गतिविधियां कर सकें।

आईबी ने महानिदेशकों और मुख्य सचिवों को यह मैसेज देने को कहा है कि वह अपने सभी कर्मचारियों को यह बताएं कि किसी भी अनजान कॉल पर अपनी नौकरी से जुड़ी किसी भी तरह की जानकारी साझा न करें। साथ ही रिटायर्ड कर्मियों को भी इस जानकारी से अवगत कराएं।

कैसे होती है कॉल स्पूफिंग
कॉल स्पूफिंग करने वाला दूसरे देश से आपको फोन कर रहा होता है, लेकिन आपके मोबाइल पर आपके परिचित या बड़े अधिकारी का नंबर प्रदर्शित होता है। अपने परिचित का नंबर होने के चलते आप उससे हर जानकारी शेयर कर लेते हैं जबकि फोन करने वाला सात समंदर पार बैठा होता है।

स्पूफ करने वाला आपके मोबाइल पर आपके ही नंबर से कॉल आती दिखा सकता है। इंटरनेट पर ऐसे कई एप हैं जिनकी मदद से कोई भी अपना नंबर छिपाकर फोन कर सकता है।

हिमाचल में पहले भी फंस चुका है एक अफसर

ISI targeting retired army officers of india.

कुछ साल साल पहले आईएसआई ने इसी तरीके से सेना के एक रिटायर्ड अफसर को अपने झांसे में ले लिया था। धर्मशाला के योल कैंट इलाके से जब उस अधिकारी की गिरफ्तारी हुई तो मामला सामने आया। हालांकि, उस अधिकारी ने कोई बड़ी जानकारी नहीं दी थी लेकिन सैन्य इकाइयों की छोटी-छोटी समस्याओं को साझा करना भी उसे महंगा पड़ गया।

इसलिए सतर्क रहने की है जरूरत
आईबी से जुड़े आधिकारिक सूत्र ने बताया कि पाकिस्तानी एजेंट स्थानीय भाषा और काल स्पूफिंग की मदद से सामने वाले पर सेना या गृह विभाग के बड़े अधिकारी होने का इंप्रेशन डालते हैं।

संबंधित व्यक्ति से जुड़ी कुछ छोटी जानकारियां साझा करते हैं जिससे भारतीय अधिकारी को यकीन हो जाता है। इसके बाद वह यूनिटों या स्थापनाओं की मामूली समस्याओं को निकलवाते हैं और फिर परेशान लोगों को बरगला कर अपना नेटवर्क खड़ा करते हैं।

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