फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   irregularities in irrigation scheme in lahaul himachal pradesh

लाहौल: सिंचाई परियोजना में गड़बड़झाला, लगा रहे तय साइज से छोटे पाइप

Sat, 13 Nov 2021 09:46 PM IST
अरविन्द ठाकुर संवाद न्यूज एजेंसी, केलांग
संवाद न्यूज एजेंसी, केलांग Published by: अरविन्द ठाकुर Updated Sat, 13 Nov 2021 09:46 PM IST
सार

परियोजना का टेंडर ऊना की एक फर्म को अवार्ड हुआ है। सिंचाई परियोजना में तीन करोड़ से अधिक के पाइप इस्तेमाल होने हैं। ठेकेदार ने मई-जून महीने में पाइप लाहौल के दालंग मैदान और करगा में पहुंचा दिए थे। इसी बीच, किसान ने इन पाइपों की गुणवत्ता की जांच की मांग की थी।

विज्ञापन
irregularities in irrigation scheme  in lahaul himachal pradesh
पाइप वापस भेजते विभाग के कर्मचारी। - फोटो : संवाद

विस्तार

लाहौल घाटी के प्रगतिशील किसान की शिकायत पर तांदी और वारपा पंचायत में 9.52 करोड़ से बनने वाली सिंचाई योजना में गड़बड़झाले का खुलासा हुआ है। इसकी शिकायत किसान सुरेश ने उपायुक्त कुल्लू को सौंपी थी। आरोप था कि ठेकेदार ने 36-42 एमएम की बजाय 32-35 एमएम के पाइप भेज दिए। करीब पांच किमी लंबी खंडिप सिंचाई परियोजना का निर्माण नाबार्ड के बजट से होना है।

विज्ञापन

 
परियोजना का टेंडर ऊना की एक फर्म को अवार्ड हुआ है। सिंचाई परियोजना में तीन करोड़ से अधिक के पाइप इस्तेमाल होने हैं। ठेकेदार ने मई-जून महीने में पाइप लाहौल के दालंग मैदान और करगा में पहुंचा दिए थे। इसी बीच, किसान ने इन पाइपों की गुणवत्ता की जांच की मांग की थी। जल शक्ति विभाग के अधिशासी अभियंता केलांग विनोद धीमान ने बताया कि जांच के बाद पाइप वापस भेजे जा रहे हैं।
विज्ञापन


सुरेश ने 15 जुलाई को डीसी के नाम पत्र लिखकर करोड़ों रुपये के पाइपों की गुणवत्ता की जांच करने की मांग की थी। उपायुक्त ने जल शक्ति विभाग के अधिशासी अभियंता को जांच के दिए थे। ठेकेदार को 36 से 42 एमएम मोटे पाइप सिंचाई परियोजना में इस्तेमाल करने थे, लेकिन जांच में इनकी मोटाई 32, 34 और 35 एमएम पाई गई। इससे पहले भी तकनीकी कारणों से दो बार इस परियोजना का टेंडर रद्द हो चुका है।  
विज्ञापन
विज्ञापन


दो पंचायतों की साढ़े तीन हजार बीघा भूमि है सूखाग्रस्त
तांदी और वारपा पंचायत के लगभग 18 गांवों की करीब साढ़े तीन हजार बीघा जमीन लाहौल के सबसे सूखाग्रस्त इलाकों में शुमार है। खंडिप नहर से इन गांव के जमीन को सिंचाई के लिए पानी मिलेगा। 1955-56 में सुमनम नहर से इन इलाकों में पानी पहुंचाने के लिए करोड़ों खर्च कर नहर का निर्माण किया गया था, लेकिन नहर से नीचे बिलिंग गांव में भूस्खलन होने से ग्रामीणों ने नहर का विरोध किया था।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed