Shimla: अफगानिस्तान के रास्ते हिमाचल पहुंचा ईरान का सेब, इतने रुपये किलो बिका
संयुक्त किसान मंच के संयोजक संजय चौहान का कहना है कि विदेशों से सस्ता सेब आयात किया जा रहा है। इससे देश और प्रदेश के सेब उत्पादकों को नुकसान उठाना पड़ रहा है।
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ईरान का सेब हिमाचल की सोलन मंडी में पहुंच गया है। मंडी में ईरान का सेब 90 रुपये किलो बिका। दिल्ली की आजादपुर मंडी से यह सेब मंगवाया गया था। सस्ती दरों पर बिक रहे ईरानी सेब ने हिमाचल के सेब बागवानों की चिंता बढ़ा दी है। मंडियों में बिक रहे ईरान के सेब से सीए स्टोर में रखे हिमाचली सेब की मांग घट गई है। ईरान के अलावा अफगानिस्तान, न्यूजीलैंड, चिली, यूएसए और ब्राजील से सबसे अधिक सेब भारत में आयात हो रहा है।
ईरान का सेब अवैध रूप से भारत पहुंच रहा है, जिसके चलते इसके दाम कम है। साफ्ता (साउथ एशियन फ्री ट्रेड एरिया) के चलते बिना शुल्क चुकाए ईरानी सेब अफगानिस्तान के रास्ते भारत पहुंच रहा है। ईरान में सरकार की ओर से भारी अनुदान के चलते सेब उत्पादन की लागत भारत के मुकाबले बहुत कम है। हिमाचल के बागवानों का करीब एक करोड़ पेटी सेब सीए स्टोर में है। सेब की खपत के लिए विदेशों को भारत में बड़ा बाजार मिल रहा है। हिमाचल के बागवानों की मांग है कि जब तक स्थानीय सेब पूरी तरह खत्म नहीं होता, तब तक विदेशी सेब के आयात पर रोक रहनी चाहिए।
आयात हो रहे सस्ते सेब के कारण बागवानों को नुकसान : संजय
संयुक्त किसान मंच के संयोजक संजय चौहान का कहना है कि विदेशों से सस्ता सेब आयात किया जा रहा है। इससे देश और प्रदेश के सेब उत्पादकों को नुकसान उठाना पड़ रहा है। पिछले वर्ष करीब 2.5 करोड़ पेटी (5.10 लाख टन) विदेशों से सेब आयात किया गया। प्रदेश में केवल 2.20 करोड़ पेटी (4.84 लाख टन) सेब की पैदावार हुई। सस्ते आयात से सेब उत्पादकों को बेहद कम दाम मिल रहे हैं।
देश की प्रमुख सेब आर्थिकी को तहस-नहस करने में लगी केंद्र सरकार: राठाैर
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता ठियोग के विधायक कुलदीप सिंह राठौर ने केंद्र की भाजपा नेतृत्व एनडीए सरकार पर आरोप लगाया है कि वह देश की प्रमुख सेब आर्थिकी को तहस-नहस करने में लगी है। उन्होंने कहा है कि एक सोची-समझी रणनीति के तहत देश में अफगानिस्तान के रास्ते अवैध रूप में ईरान का सेब देश लाया जाना बहुत ही चिंता की बात है। राठौर ने सोमवार को जारी एक बयान में कहा कि केंद्र सरकार जानबूझकर भारत मे विदेशी सेब के विपणन को बढ़वा दे रही है, जिससे भाजपा को विदेशी फंड में लाभ मिल सके। राठौर ने कहा है कि उन्होंने विदेश से आने वाले सेब के मामले को प्रदेश विधानसभा में भी उठाया था और इसके बाद प्रदेश सरकार ने इस बारे केंद्र सरकार से जवाब भी मांगा था। हैरानी की बात है कि केंद्र सरकार के आश्वासन के बाद भी ईरान का सेब अवैध रूप से अफगानिस्तान के रास्ते भारत मे आना बहुत ही गंभीर मामला है। इसके चलते कोल्ड स्टोरों में रखे गए देश के सेब की मांग कम होना बहुत ही चिंता की बात है। राठौर ने केंद्र सरकार से ईरान के सेब के आयात व विपणन पर तुरंत रोक लगाने की मांग की है। उन्होंने कहा है कि हिमाचल के सेब बागवानों के हितों से किसी भी प्रकार का खिलवाड़ सहन नहीं किया जा सकता।