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कंपनी मालिक की 31 मार्च से पहले करो गिरफ्तारी : कुंडू
Sat, 12 Jan 2019 11:30 AM IST
अरविन्द ठाकुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Sat, 12 Jan 2019 11:30 AM IST
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43 सौ करोड़ से ज्यादा के टेक्नोमैक घोटाले के मुख्य कर्ताधर्ता और कंपनी मालिक राकेश कुमार शर्मा की गिरफ्तारी के लिए सरकार ने सीआईडी को 31 मार्च तक अल्टीमेटम दिया है। प्रमुख सचिव विजिलेंस संजय कुंडू ने सीआईडी अधिकारियों के साथ बैठक में इस मियाद से पहले शर्मा की गिरफ्तारी के निर्देश दिए।
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साथ ही कहा कि अन्य आरोपियों के खिलाफ 28 फरवरी से पहले सप्लीमेंटरी चार्जशीट दाखिल की जाए। प्रमुख सचिव ने घोटाले की जांच की समीक्षा को बैठक बुलाई थी। इससे पूर्व 31 दिसंबर से पहले जांच पूरी करने को कहा गया था। जांच एजेंसी ने 5 जनवरी को मामले में पहली चार्जशीट दाखिल की। अब केस की जांच पूरी करने को नई टाइम लाइन तय कर दी गई है।
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हजारों करोड़ के घोटाले से जुड़े इस मामले में पिछले कई सालों से सीआईडी की जांच सुस्त थी। प्रदेश में जयराम सरकार के आने के बाद से जांच ने रफ्तार पकड़ी। प्रमुख सचिव विजिलेंस संजय कुंडू ने नवंबर महीने में समीक्षा की थी। इस दौरान जांच 31 दिसंबर से पहले पूरा करने को कहा था। जांच अधिकारियों ने दलील दी थी कि मामले में दस्तावेजों के अध्ययन में समय लग रहा है। लिहाजा, समय सीमा बढ़ाई जाए। इसके बाद प्रमुख सचिव ने शुक्रवार को दूसरी समीक्षा बैठक में मियाद बढ़ा दी है।
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30 जून से पहले पूरी करें बैंकों की भूमिका की जांच
मामले में कर चोरी के अलावा बैंकों से लिए गए हजारों करोड़ के लोन की भी जांच सीआईडी कर रही है। इस मामले की जांच भी पूरा करने को प्रमुख सचिव ने 30 जून का समय दिया है। इससे पहले जांच एजेंसी को यह निर्णय करना है कि लोन घोटाले में व्यावसायिक बैंकों की क्या भूमिका थी?
बिजली बिल घोटाले में फंसेंगे बोर्ड के कर्मचारी
बैठक में कंपनी के ही बिजली बिल घोटाले से जुड़े मामले में भी सप्लीमेंटरी चार्जशीट दाखिल करने को कहा गया। सूत्रों की मानें तो करीब दस करोड़ के इस घोटाले में बिजली बोर्ड के कई कर्मचारियों व अधिकारियों के शामिल होने की संभावना है। मामले में अब कर अधिकारियों के बाद बिजली कर्मचारियों पर भी सीआईडी का शिकंजा कसना तय है।