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हिमाचल में खेती से जुड़ा कड़वा सच, खुली पोल

Wed, 18 Mar 2015 11:11 AM IST
Updated Wed, 18 Mar 2015 11:11 AM IST
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 IPH minister Vidya Stokes has reported to the House Economic Survey 2014-15.

सकल घरेलू उत्पाद में वृद्धि का मुख्य कारण प्राथमिक क्षेत्र में 15.3 प्रतिशत, सामुदायिक एवं व्यक्तिगत सेवाएं क्षेत्र में 9.8 प्रतिशत, यातायात एवं व्यापार क्षेत्र में 2.6 प्रतिशत, वित्त एवं स्थावर संपदा में 4.5 प्रतिशत बढ़ोतरी है, जबकि गौण क्षेत्र में केवल 2.6 प्रतिशत की बढ़ोतरी रही है।

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हिमाचल प्रदेश का उपभोक्ता मूल्य सूचकांक वर्ष 2014-15 में दिसंबर 2014 तक 5.2 प्रतिशत बढ़ा है, जबकि राष्ट्रीय स्तर पर यह उपभोक्ता मूल्य सूचकांक 5.9 प्रतिशत रहा।
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सिंचाई के साधन नहीं हुए विकसित

 IPH minister Vidya Stokes has reported to the House Economic Survey 2014-15.

कृषि विशेषज्ञ एवं कृषि विभाग के पूर्व अतिरिक्त निदेशक डा. एचआर शर्मा ने कहा कि हिमाचल में कृषि क्षेत्र अन्य क्षेत्रों की तरह से तेजी से ग्रोथ नहीं कर पाया है।

न तो सिंचाई के साधन विकसित किए जा सके हैं और न ही कृषि क्षेत्र को आधुनिक तकनीक से जोड़कर लोगों को घर-द्वार पर आय देने वाला बनाया जा सका है। केवल सेब उत्पादन दर में ही ग्रोथ हो पाई है।

मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की ओर से अधिकृत आईपीएच मंत्री विद्या स्टोक्स ने सदन में आर्थिक सर्वेक्षण 2014-15 की रिपोर्ट रखी। वर्ष 2013-14 में राज्य का सकल घरेलू उत्पाद बढ़कर 85 हजार 841 करोड़ हो गया है।

कम हुआ उत्पादन

 IPH minister Vidya Stokes has reported to the House Economic Survey 2014-15.

आगामी अनुमानों के अनुसार वर्ष 2014-15 में राज्य का सकल घरेलू उत्पाद 95 हजार 587 करोड़ होने की उम्मीद है। वर्ष 2012-13 में खाद्यान्नों का उत्पादन 15.41 लाख मीट्रिक टन की तुलना में वर्ष 2013-14 में 15.76 लाख मीट्रिक टन रहा। इसमें महज 2.3 प्रतिशत की बढ़ोतरी है।

वर्ष 2014-15 में 16.20 लाख मीट्रिक टन पैदावार की संभावना है। बढ़ोतरी की यह रफ्तार बहुत कम है। वर्ष 2013-14 में फल उत्पादन 8.66 लाख टन हुआ।

यह वर्ष 2014-15 में दिसंबर 2014 तक 6.53 लाख आंका गया। कुल फल उत्पादन में से सेब का भाग 89 प्रतिशत रहा।
सेब को छोड़कर अन्य फलों की पैदावार संतोषजनक नहीं रही।

कृषि क्षेत्र की तुलना में अन्य क्षेत्रों ने ज्यादा ग्रोथ पकड़ी। कृषि में शामिल पशुपालन भी खास विस्तार नहीं कर पाया।

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