अनुराग ठाकुर के सत्र में 10 करोड़ से ज्यादा का नहीं निकला निवेशक
हिमाचल में पहली बार हो रही ग्लोबल इन्वेस्टर मीट में मुकेश अंबानी, अजीज प्रेमजी, आनंद महिंद्रा सरीखे बड़े उद्योगपतियों के न आने का असर केंद्रीय राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर के सत्र में दिखा। अनुराग ठाकुर के समक्ष सवाल जवाब के दौरान एक भी निवेशक हिमाचल में 10 करोड़ रुपये से ऊपर निवेश करने वाला नहीं निकला।
पुलिस ग्राउंड धर्मशाला में इन्वेस्टर मीट के पंडाल के हॉल नंबर दो में यूएई और कुछ अन्य उद्योगपतियों के साथ शाम करीब साढ़े चार बजे बातचीत के लिए अनुराग का सत्र रखा गया था। इसमें यूएई का प्रतिनिधिमंडल और भारत समेत विदेश के कुछ निवेशक मौजूद थे। पुख्ता सूत्रों के अनुसार सत्र खत्म होने के बाद सीएम के प्रधान सचिव संजय कुंडू ने निवेशकों से कहा कि अगर वह अनुराग ठाकुर से सवाल पूछना चाहें तो पूछ सकते हैं।
पैनल में से एक व्यक्ति ने कहा कि प्रश्न पूछने वाले का निवेश के हिसाब से क्राइटेरिया तय होना चाहिए। इसके बाद कहा गया कि हॉल में ऐसे कितने निवेशक हैं जो 500 करोड़ रुपये या इससे अधिक का निवेश हिमाचल में करना चाहते हैं। इस पर ऐसा कोई भी निवेशक नहीं निकला जो 500 करोड़ रुपये या इससे अधिक निवेश करना चाहता हो।
कई निवेशकों और अनुराग ने भी नहीं खाया खाना
इसके बाद पूछा गया कि 200 करोड़ रुपये निवेश करने वाले निवेशक प्रश्न पूछें। इस पर एक निवेशक ने हाथ खड़ा किया। निवेशक ने जमीन से संबंधित प्रश्न किया। लेकिन, उससे जब पूछा गया कि वह कितना निवेश करेंगे तो बताया गया कि वह करीब 10 करोड़ रुपये तक निवेश कर सकते हैं। पीएम के सम्मेलन में भाजपा के नेताओं की ज्यादा एंट्री होने के चलते कुछ छोटी कंपनियों के कई निवेशकों को कुर्सी पर जगह ही नहीं मिल पाई। इन्हें किनारों पर खड़ा होना पड़ा। बड़े निवेशकों की कुर्सी तो रिजर्व थी लेकिन छोटे निवेशकों के लिए व्यवस्था चरमरा गई।
भीड़ के चलते कुछ निवेशकों को गेट में एंट्री ही नहीं मिल पाई। बोर्ड-निगमों के चेयरमैन और कुछ नेता अग्रिम पंक्तियों में बैठ गए। हालांकि, बाद में कुछ भाजपा नेताओं को अग्रिम से उठाकर कुछ निवेशकों को बिठाने की कोशिश की गई। यही अव्यवस्था वीआईपी डाइनिंग हॉल में भी दिखी। कई निवेशक हाथ में प्लेट लेकर लंबी लाइनों में खाना खाने के लिए खड़े रहे। कई निवेशकों ने खाना नहीं खाया। भीड़ के चलते केंद्रीय राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर ने भी खाना नहीं खाया। हालांकि, डीजीपी एसआर मरडी ने उन्हें मनाने की कोशिश की।