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ठंड में टैक्सी चालक की मौत पर रिपोर्र्ट तलब
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मानवाधिकार आयोग ने एसपी को दिए जांच के आदेश, उमंग फाउंडेशन ने की थी शिकायत
होटल ने चालक को नहीं दी थी ठहरने को जगह
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। राज्य मानवाधिकार आयोग ने नालदेहरा में भीषण ठंड से उत्तरप्रदेश के टैक्सी चालक की मौत के मामले में जांच के आदेश दिए हैं। इसके साथ शिमला पुलिस अधीक्षक को आयोग ने 12 अप्रैल तक शपथ पत्र के साथ जांच रिपोर्ट पेश करने को कहा है। उमंग फाउंडेशन की शिकायत पर मानवाधिकार आयोग ने इस मामले में संज्ञान लिया है।
उमंग फाउंडेशन के ट्रस्टी विनोद योगाचार्य ने 29 जनवरी को मानवाधिकार आयोग को शिकायत भेजी थी। इसमें बताया था कि किस तरह 27 जनवरी को उत्तर प्रदेश के बिजनौर के टैक्सी ड्राइवर के साथ आए सैलानियों को तो नालदेहरा के एक निजी होटल ने कमरे उपलब्ध करवा दिए और चालक को भीषण ठंड के बावजूद ठहरने के लिए कोई जगह नहीं दी। इस कारण टैक्सी चालक सुवेंद्र चौधरी (42) पुत्र लक्ष्मण सिंह गांव पुट्ठा, डाकघर शेरपुर कल्याण, जिला बिजनौर उत्तरप्रदेश की मौत हो गई थी। होटल ने डॉरमेट्री और सोने के लिए अन्य स्थान उपलब्ध कराने से इनकार कर दिया था। मजबूरी में उसने टीन के कनस्तर में आग जलाकर टैक्सी के भीतर रख लिया। सुबह चालक वाहन में मृत मिला था। ट्रस्टी विनोद योगाचार्य ने आयोग से मामले की जांच करवाने और होटल के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का केस दर्ज करने की मांग की है। उन्होंने चालक के परिवार को उचित मुआवजा दिलवाने की मांग की है। उन्होंने यह भी कहा है कि आयोग पर्यटन विभाग को इस बारे में उचित निर्देश जारी करें।
12 अप्रैल को होगी मामले की सुनवाई : प्रो. श्रीवास्तव
फाउंडेशन के अध्यक्ष प्रो. श्रीवास्तव ने कहा कि आयोग ने शिकायत पर संज्ञान लेते हुए एसपी से रिपोर्ट तलब की है। अब इसकी सुनवाई 12 अप्रैल को होगी। होटल प्रबंधक की ओर से टैक्सी चालक को सोने का स्थान न दिए जाने पर उन्होंने खेद प्रकट किया है।
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होटल ने चालक को नहीं दी थी ठहरने को जगह
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। राज्य मानवाधिकार आयोग ने नालदेहरा में भीषण ठंड से उत्तरप्रदेश के टैक्सी चालक की मौत के मामले में जांच के आदेश दिए हैं। इसके साथ शिमला पुलिस अधीक्षक को आयोग ने 12 अप्रैल तक शपथ पत्र के साथ जांच रिपोर्ट पेश करने को कहा है। उमंग फाउंडेशन की शिकायत पर मानवाधिकार आयोग ने इस मामले में संज्ञान लिया है।
उमंग फाउंडेशन के ट्रस्टी विनोद योगाचार्य ने 29 जनवरी को मानवाधिकार आयोग को शिकायत भेजी थी। इसमें बताया था कि किस तरह 27 जनवरी को उत्तर प्रदेश के बिजनौर के टैक्सी ड्राइवर के साथ आए सैलानियों को तो नालदेहरा के एक निजी होटल ने कमरे उपलब्ध करवा दिए और चालक को भीषण ठंड के बावजूद ठहरने के लिए कोई जगह नहीं दी। इस कारण टैक्सी चालक सुवेंद्र चौधरी (42) पुत्र लक्ष्मण सिंह गांव पुट्ठा, डाकघर शेरपुर कल्याण, जिला बिजनौर उत्तरप्रदेश की मौत हो गई थी। होटल ने डॉरमेट्री और सोने के लिए अन्य स्थान उपलब्ध कराने से इनकार कर दिया था। मजबूरी में उसने टीन के कनस्तर में आग जलाकर टैक्सी के भीतर रख लिया। सुबह चालक वाहन में मृत मिला था। ट्रस्टी विनोद योगाचार्य ने आयोग से मामले की जांच करवाने और होटल के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का केस दर्ज करने की मांग की है। उन्होंने चालक के परिवार को उचित मुआवजा दिलवाने की मांग की है। उन्होंने यह भी कहा है कि आयोग पर्यटन विभाग को इस बारे में उचित निर्देश जारी करें।
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12 अप्रैल को होगी मामले की सुनवाई : प्रो. श्रीवास्तव
फाउंडेशन के अध्यक्ष प्रो. श्रीवास्तव ने कहा कि आयोग ने शिकायत पर संज्ञान लेते हुए एसपी से रिपोर्ट तलब की है। अब इसकी सुनवाई 12 अप्रैल को होगी। होटल प्रबंधक की ओर से टैक्सी चालक को सोने का स्थान न दिए जाने पर उन्होंने खेद प्रकट किया है।
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