Sirmaur: मां-बेटे के मिलन का प्रतीक अंतरराष्ट्रीय रेणुकाजी मेला भव्य शोभायात्रा के साथ शुरू
प्रदेश की समृद्ध व अलौकिक लोक संस्कृति का प्रतीक अंतरराष्ट्रीय रेणुका मेला सोमवार को भव्य शोभायात्रा के साथ शुरू हो गया।
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हिमाचल प्रदेश की समृद्ध व अलौकिक लोक संस्कृति का प्रतीक अंतरराष्ट्रीय रेणुका मेला सोमवार को भव्य शोभायात्रा के साथ शुरू हो गया। परंपरा के अनुसार मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने मेले का विधिवत शुभारंभ करके देव पालकियों को कंधा देकर रवाना किया और साथ ही शोभायात्रा की अगवानी भी की। शोभायात्रा दोपहर बाद स्थानीय गिरि नदी में बनाए गए अस्थायी पंडाल से प्रारंभ होकर ददाहू बाजार, गिरिपुल, बेडोन, देवशिला, मेला मैदान से होती हुई शाम ढलने से पूर्व रेणुकाजी तीर्थ के त्रिवेणी घाट पर पहुंची। यहां मां रेणुका व पुत्र परशुराम का पारंपरिक व आध्यात्मिक मिलन करवाया गया।
इस ऐतिहासिक मिलन के साक्षी बनने के लिए हजारों श्रद्धालु यहां माैजूद रहे। पारंपरिक लोक वाद्ययंत्रों के साथ शंख, घंटियाल, ढोल-नगाड़ों सहित बैंड बाजों की मधुर ध्वनि के साथ निकाली गई इस भव्य शोभायात्रा के चलते रेणुका घाटी भगवान परशुराम और माता रेणुकाजी के जयघोष से गूंज उठी। शोभायात्रा में भगवान परशुराम के प्राचीन जामू, कटाहा, महासू व मंडलाह मंदिरों से आई देव पालकियां आकर्षण का केंद्र रहीं। शोभायात्रा के दौरान देवताओं की चढ़ती पालकी में देवताओं के दर्शन पाकर श्रद्धालु गदगद हो उठे।
इस दौरान श्रद्धालुओं ने अपनी मनोकामना की पूर्ति के लिए प्रार्थना भी की। शोभायात्रा में चलती पालकी में देवताओं के दर्शन करना अति शुभ व कल्याणकारी माना गया है। इसे लेकर पूरे उत्तरी भारत से श्रद्धालु शोभायात्रा में शामिल होकर देवताओं के समक्ष अपनी मन्नत मांगते हैं। शोभायात्रा में भगवान परशुराम व माता रेणुका के मिलन का स्मरण कराती हुई भव्य झांकी भी श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बनी रही।
इस झांकी में जामूकोटी और खलाक्यार दो पंचायतों के सैकड़ों युवा पूरे जोश के साथ चलते दिखाई दिए। इस मौके पर नाहन के विधायक अजय सोलंकी, पूर्व विधायक कंवर अजय बहादुर सिंह, किरनेश जंग, उपायुक्त सुमित खीमटा, पुलिस अधीक्षक रमन कुमार मीणा, सीईओ भरत सिंह ठाकुर सहित जिले के आला अधिकारी कर्मचारी रेणुका विकास बोर्ड के पदाधिकारी व हजारों श्रद्धालु मौजूद रहे।
परंपरा निभाने पहुंचा राजघराना
रेणुका मेले की सादियों पुरानी परंपरा को निभाने राज परिवार के वंशज भी सोमवार को रेणुका पहुंचे। राज परिवार के वंशज कंवर अजय बहादुर सिंह ने जामू मंदिर से लाई गई भगवान परशुराम की पालकी का स्वागत करके उन्हें विधिवत व मंत्रोच्चारण के बीच पंडाल तक पहुंचाया। इस अवसर पर राज परिवार के वंशज कंवर कुलदीप सिंह, एमपी कंवर, जयवीर सिंह, पुष्पेंद्र सिंह, निर्भय सिंह, अनिल, मदनपाल सिंह, दलीप सिंह कंवर, अशोक कुमार, बलबीर सिंह व विनित मेहता सहित राजपरिवार के अन्य सदस्य मौजूद रहे।