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नशे की गिरफ्त में हिमाचल, नई पौध हो रही खोखली

Wed, 26 Jun 2019 01:05 PM IST
अरविन्द ठाकुर न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला Published by: अरविन्द ठाकुर Updated Wed, 26 Jun 2019 01:05 PM IST
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international day against drugs 2019 Drug Addiction in Youth of himachal pradesh
सांकेतिक तस्वीर

हिमाचल नशे की गिरफ्त में है। इससे नई पौध खोखली हो रही है। पड़ोसी राज्यों से हिमाचल पहुंच रहे नशे से यहां समस्या विकराल बन चुकी है। हर साल प्रदेश में नशीले पदार्थों के 1300 से ज्यादा मामले दर्ज किए जा रहे हैं। इनमें सबसे ज्यादा मामले चरस के हैं। साल भर के आंकड़े लें तो चरस के 734 मामले दर्ज हुए हैं।

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इनमें 12 मामलों में सजा हुई, जबकि 400 से ज्यादा मामले अदालत में विचाराधीन हैं। बाकी में पुलिस जांच चली है। जनवरी से अब तक इस साल भी नशाखोरी के 500 से अधिक मामले दर्ज हो चुके हैं। इनमें चिट्टा से संबंधित 150 से अधिक मामले पकडे़ गए हैं। हिमाचली और पड़ोसी राज्यों के तस्कर ही नहीं, बल्कि कई विदेशी भी नशे के कारोबार में पकड़े गए हैं। 
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हालांकि, आबकारी एवं कराधान विभाग की ओर से शीतकालीन सत्र में एनडीपीसी एक्ट 1985 की धारा 37 (बी) में उचित संशोधन प्रस्ताव लाया गया। इसमें एनडीपीएस मामलों को गैर जमानती बनाया गया। प्रदेश सरकार ने इसे राष्ट्रपति को अनुमति के लिए भेज दिया।

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ये नशीले पदार्थ पकड़े जा रहे हिमाचल में 

चरस, अफीम, भुक्की, गांजा, चिट्टा/हेरोइन, स्मैक, ब्राउन शूगर, कोकीन, पॉपी प्लांट्स, कैप्सूल, टैबलेट, सीरप, इंजेक्शन।

पड़ोसी राज्यों के साथ हिमाचल ने की मोर्चाबंदी 
राज्यों को नशा मुक्त करने के लिए हरियाणा में कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों की बैठक हुई है। इसमें हिमाचल, पंजाब, हरियाणा और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री शामिल थे, जबकि राजस्थान और दिल्ली के अधिकारियों ने भी इस बैठक में भाग लिया था। इसमें नशाखोरी को रोकने के लिए पंचकूला में संयुक्त सचिवालय बनाने का निर्णय लिया गया। इसमें नशे को रोकने के लिए उचित कदम उठाए जा रहे हैं।

ये कार्यक्रम चलाए सरकार ने 
प्रदेश में युवा नव जीवन बोर्ड की स्थापना
पड़ोसी राज्यों के साथ नशे को लेकर अभियान चलाया जाना
प्रदेश के 13 पुलिस जिलों में तकनीकी प्रकोष्ठ की स्थापना करना, डेढ़ सौ स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाना
नशे के सभी अपराधों को गैर जमानती बनाया जाना 
पंचकूला में संयुक्त सचिवालय गठित किया गया। इसमें ड्रग्स के ऊपर रणनीति बनाई जा रही है
कॉलेजों और स्कूलों में नशे को लेकर विशेष अभियान 

पुलिस महानिदेशक एसआर मरडी का कहना है कि युवाओं को नशे से बचाने के लिए भरकम प्रयास किए जा रहे हैं। प्रदेश में एनडीपीएस एक्ट को सख्ती से लागू किया जा रहा है। छात्रों को नशे से दूर रखने के लिए अफसरों को स्कूलों में भेजा जा रहा है। हिमाचल को नशा मुक्त किया जा रहा है। 

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