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आंतरिक मूल्यांकन के 15 अंक देने में नहीं चलेगी अध्यापकों की मर्जी
Mon, 14 Sep 2020 10:30 AM IST
अरविन्द ठाकुर
विपिन चौधरी, अमर उजाला नेटवर्क, धर्मशाला
विपिन चौधरी, अमर उजाला नेटवर्क, धर्मशाला
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Mon, 14 Sep 2020 10:30 AM IST
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हिमाचल में शुरू हुई ऑनलाइन पढ़ाई ने विद्यार्थियों को आंतरिक मूल्यांकन (आईएनए) के 15 अंक देने का तरीका बदल दिया है। अब अध्यापक अपनी मर्जी से छात्रों को आंतरिक मूल्यांकन के अंक नहीं दे पाएंगे। अध्यापकों को अंक देने के लिए हिमाचल प्रदेश स्कूल बोर्ड की गाइडलाइन का पालन करना होगा।
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गाइडलाइन के अनुसार ऑनलाइन पढ़ाई में 75 प्रतिशत उपस्थिति दर्ज करवाने वाले छात्रों को दो अंक मिलेंगे। 30 प्रतिशत पाठ्यक्रम की चार असाइनमेंट जो 25 अंक की होंगी, इसमें अर्जित अंकों के आधार पर औसतन पांच अंक मिल सकेंगे। फर्स्ट और सेकेंड टर्म की प्री बोर्ड परीक्षा में अर्जित कुल अंकों से छात्र औसतन आठ अंक प्राप्त कर सकेंगे।
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इसकी पुष्टि करते हुए बोर्ड सचिव अक्षय सूद ने बताया कि शिक्षा मंत्री के साथ हुई वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में विषय विशेषज्ञों सहित अन्य पदाधिकारियों के साथ हुई बैठक के दौरान कई अहम फैसले लिए गए हैं। इन्हीं फैसलों के तहत विद्यार्थियों को आंतरिक मूल्यांकन के अंकों का विभाजन किया गया है।
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