अब सेब का होगा बीमा, बागवानों के मिलेगा पैसा
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हिमाचल के हजारों सेब उत्पादकों के लिए बड़ी खबर है। राज्य के तीन जिलों के क्षेत्रों के सेब उत्पादकों की फसल को राज्य सरकार ने बीमा योजना में लाया है। अब इन क्षेत्रों में बागवानों को एंटी हेल गन की बाट जोहने की जरूरत भी नहीं रहेगी।
सरकार ने शिमला, कुल्लू और मंडी में सेब की फसल को ओलावृष्टि से हुई क्षति की भरपाई के लिए 2014-15 के लिए फसल बीमा योजना आरंभ दी है। राज्य सरकार ने इस संबंध में अधिसूचना भी जारी कर दी है।
जिला शिमला के रामपुर, ननखड़ी, नारकंडा, मशोबरा और बसंतपुर के सेब बागवानों को फसल बीमा का लाभ मिलेगा। ठियोग, जुब्बल-कोटखाई, चौपाल चिड़गांव और रोहड़ू के बागवान भी सेब की फसल की बीमा कर सकेंगे।
इनको भी मिलेगा फायदा
इसी तरह कुल्लू के नग्गर, आनी, बंजार, निरमंड और कुल्लू के सेब उत्पादकों को यह बीमा फायदा होगा। मंडी जिले के करसोग और जंजैहली के बागवान भी लाभ लेंगे। अभी तक इन इलाकों में बाढ़ से नुकसान पर ही बीमा होता था।
राज्य सरकार ने जारी किए आदेश, एजेंसियों को सूचीबद्ध भी कर दिया है। इन क्षेत्रों के बागवानों को पचास फीसदी प्रीमियम भरना होगा। केंद्र और राज्य सरकार शेष पचास फीसदी प्रीमियम देगी। लोन वाले बागवानों को बीमा 10 अप्रैल से 30 जून कर करना है। बागवानी विभाग के एसएमएस एमएम चौहान ने कहा कि इस संबंध में सरकार ने अधिसूचना भी जारी कर दी है।
यह है प्रीमियम राशि
पांच से दस साल के पेड़ों का प्रीमियम 13.80 रुपये रहेगा। इसमें से पचास फीसदी प्रीमियम राशि यानी 6.90 रुपये बागवान को देने होंगे। शेष पचास फीसदी राशि बराबर हिस्से में केंद्र तथा राज्य सरकार वहन करेगी। इसी तरह से 15 से 40 साल से पेड़ के बीमा की प्रीमियम राशि 27.60 रुपये रहेगी। बागवानों को प्रीमियम 13.80 रुपये देना होगा।