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Shimla : बिना परमिट के वाहन चलाने पर बीमा कंपनी क्षतिपूर्ति के लिए बाध्य नहीं, उपभोक्ता आयोग ने सुनाया फैसला
Sat, 22 Apr 2023 09:22 PM IST
Krishan Singh
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
Published by: Krishan Singh
Updated Sat, 22 Apr 2023 09:22 PM IST
सार
जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग शिमला ने अहम फैसला सुनाया है। आयोग ने अपने निर्णय में कहा कि बिना परमिट के वाहन चलाने पर बीमा कंपनी क्षतिपूर्ति के लिए बाध्य नहीं है।
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उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
बिना परमिट के वाहन चलाने के मामले में जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग शिमला ने अहम फैसला सुनाया है। आयोग ने अपने निर्णय में कहा कि बिना परमिट के वाहन चलाने पर बीमा कंपनी क्षतिपूर्ति के लिए बाध्य नहीं है। आयोग ने कांता टेंट हाउस चौपाल की शिकायत को खारिज करते हुए यह निर्णय सुनाया। शिकायतकर्ता ने बीमा कंपनी के खिलाफ 6.73 लाख की क्षतिपूर्ति के लिए आयोग के समक्ष शिकायत दर्ज की थी। शिकायत में दलील दी गई थी कि उसने अपनी पिकअप गाड़ी का बीमा प्रतिवादी बीमा कंपनी से करवाया था।
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बीमा की यह पॉलिसी 29 अप्रैल 2019 से 28 अप्रैल 2020 तक वैध थी। आयोग को बताया गया कि 31 जुलाई 2019 को जब वह नेरवा की ओर जा रहा था तो विकासनगर से फिर अचानक छिब्रो के पास वाहन के रास्ते में जानवर आ गया और वाहन गहरी खाई में गिर गया। बीमा कंपनी की ओर से दलील दी गई कि वाहन को बिना किसी परमिट के चलाया जा रहा था। चालक राकेश कुमार के पास वाहन चलाने के लिए वैध ड्राइविंग लाइसेंस नहीं था। यह भी दलील दी गई कि यह एक वाणिज्यिक वाहन था और बीमा पॉलिसी के तहत वाणिज्यिक वाहन पैकेज नीति इस शर्त पर जारी की गई थी कि बीमा शर्तों का उल्लंघन न किया जाए। आयोग ने दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद शिकायत को खारिज करते हुए यह निर्णय सुनाया।
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