बागवानों को क्लेम नहीं देने वाली बीमा कंपनियों को करेंगे तलब, मंत्री महेंद्र सिंह ने लिया संज्ञान
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मौसम आधारित फसल बीमा योजना के तहत बागवानों को क्लेम नहीं देने वाली बीमा कंपनियों को तलब किया जाएगा। बागवानों को वर्ष 2019-20 की राशि अभी नहीं मिलने पर बागवानी मंत्री महेंद्र सिंह ने कड़ा संज्ञान लिया है। शुक्रवार को प्रश्नकाल के दौरान मंत्री ने कहा कि बागवानों से पांच फीसदी प्रीमियम लेने के मामले की भी समीक्षा की जाएगी। भाजपा विधायक नरेंद्र बरागटा ने कह कि क्लेम नहीं देने वाली कंपनियों को ब्लैक लिस्ट किया जाना चाहिए। केंद्र सरकार की योजना का सही तरीके से लाभ नहीं मिल रहा है। जवाब में मंत्री ने बताया कि प्रदेश में मौसम आधारित फसल बीमा योजना एक अप्रैल, 2016 से लागू की जा रही है।
2016 से 2019-20 तक 4,24,311 बागवानाें को योजना के तहत पंजीकृत किया गया है। बीमा कंपनियों की ओर से दिए गए प्रीमियम की राशि का पांच प्रतिशत बागवान वहन करते हैं। शेष राशि प्रदेश व केंद्र सरकार 50:50 भाग के आधार पर देती है। बागवानों से ली जाने वाले पांच प्रतिशत प्रीमियम के मामले को स्टडी किया जाएगा। क्लेम नहीं देने वाली कंपनियों को बुलाकर पूछा जाएगा। भारत सरकार के अधिकारियों को भी बुलाया जाएगा। मंत्री ने कहा कि 2020-21 की राशि सरकार ने रोकी है। 2019-20 की राशि जारी होने पर 2020-21 का पैसा जारी होगा। 2019-20 में 84,623 बागवानों को 8.24 करोड़ की पहली किस्त जारी की जानी है।