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हिमाचल: सर्दियों में निर्बाध बिजली, जलापूर्ति, रोजमर्रा की वस्तुओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश

Sat, 26 Nov 2022 08:49 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला Published by: Krishan Singh Updated Sat, 26 Nov 2022 08:49 PM IST
सार

 मुख्य सचिव आरडी धीमान नेशनिवार को शिमला में राजस्व विभाग के आपदा प्रबंधन सेल की ओर से उपायुक्तों और संबंधित विभागों के साथ शीतकालीन तैयारियों को लेकर आयोजित समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। धीमान ने कहा कि संपर्क सुविधा, अस्पताल, बिजली, जलापूर्ति और शिक्षण संस्थान प्रशासन की प्राथमिकता होनी चाहिए।

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Instructions to ensure uninterrupted power, water supply, availability of everyday items in winter
मुख्य सचिव ने अधिकारियों के साथ की बैठक। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

हिमाचल प्रदेश सरकार के मुख्य सचिव आरडी धीमान ने अधिकारियों को निर्बाध बिजली, पानी की आपूर्ति, रोजमर्रा उपयोग की वस्तुओं की उपलब्धता और विशेष रूप से बर्फबारी वाले क्षेत्रों के लिए आवश्यक वस्तुओं का भंडारण सुनिश्चित करने के लिए समन्वित कार्य योजना बनाने के निर्देश दिए हैं। धीमान ने शनिवार को शिमला में राजस्व विभाग के आपदा प्रबंधन सेल की ओर से उपायुक्तों और संबंधित विभागों के साथ शीतकालीन तैयारियों को लेकर आयोजित समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। 

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धीमान ने कहा कि संपर्क सुविधा, अस्पताल, बिजली, जलापूर्ति और शिक्षण संस्थान प्रशासन की प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने प्रदेश में संवेदनशील क्षेत्रों को चिह्नित करने और बर्फ हटाने के लिए क्षेत्रों को प्राथमिकता प्रदान कर पर्याप्त मशीनरी लगाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्राथमिकता के आधार पर सड़कों की आवश्यक मरम्मत करने के अलावा बुलडोजर और स्नो कटर पहले से ही तैयार रखे जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि बर्फ हटाने के उपकरण और स्नो ब्लोअर की खरीद प्रक्रिया समय पर पूरी की जानी चाहिए। उन्होंने विशेष तौर पर उन क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करने को कहा, जहां कोहरे के कारण आम जनजीवन, कृषि और बागवानी फसलों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। 
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वायुसेना, सेना इकाइयों, आईटीबीपी, पैरा मिलिट्री संगठनों से संपर्क बनाने को कहा 
मुख्य सचिव ने उपायुक्तों को अपने क्षेत्राधिकार में वायुसेना, सेना इकाइयों, आईटीबीपी और पैरा मिलिट्री संगठनों के साथ उनके साथ संपर्क बनाए रखने के भी निर्देश दिए हैं। धीमान ने कहा कि ट्रैकर्स के साथ जाने वाले प्रशिक्षित गाइडों की ओर से दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाना चाहिए। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में आवाजाही की उचित निगरानी प्राथमिकता के आधार पर की जानी चाहिए। उन्होंने हिमाचल प्रदेश पथ परिवहन निगम को ऊंचाई वाले क्षेत्रों में वैकल्पिक यातायात प्रबंधन सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने लोक निर्माण विभाग, जल शक्ति विभाग, हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड, शहरी विकास, दूरसंचार, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति एवं अन्य विभागों को भी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए हैं।

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सड़कों पर घूमने वाले मनोरोगियों को दिलाएं उपचार : धीमान

 झाड़-फूंक करने वालों के पास जाने वालों को मानसिक उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया जाए और उनका समुचित उपचार करवाया जाए। मुख्य सचिव आरडी धीमान ने यह निर्देश शनिवार को मानसिक स्वास्थ्य देखरेख अधिनियम-2017 पर हुई बैठक में जारी किए हैं। उन्होंने कहा कि मेंटल हेल्थ एक्ट के तहत मानसिक स्वास्थ्य उपचार मरीजों का अधिकार है। उन्होंने पुलिस विभाग को भी निर्देश जारी किए कि जो मनोरोगी सड़कों पर घूमते हैं, उन्हें स्थानीय थाना प्रभारी या तो मानसिक रोग उपचार वाले अस्पताल में ले जाएं या न्यायिक मजिस्ट्रेट के सामने पेश करें। 

मुख्य सचिव शनिवार को शिमला में मानसिक स्वास्थ्य देखरेख अधिनियम 2017 पर राज्य मानसिक स्वास्थ्य प्राधिकरण शिमला की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने कहा कि वर्ष 2030 तक रोकथाम और उपचार के माध्यम से गैर-संचारी रोगों से समयपूर्व मृत्यु दर को एक तिहाई कम करने और मानसिक स्वास्थ्य व कल्याण को बढ़ावा देने का लक्ष्य तय किया गया है। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि वे जादुई उपचार के झांसे में न आएं, क्योंकि यह प्रारंभिक निदान और उपचार में हस्तक्षेप करता है।

प्रधान सचिव स्वास्थ्य सुभासीष पंडा ने मुख्य सचिव का स्वागत किया। हिमाचल प्रदेश मानसिक स्वास्थ्य एवं पुनर्वास अस्पताल शिमला के वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक एवं हिमाचल प्रदेश राज्य मानसिक स्वास्थ्य प्राधिकरण मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. संजय पाठक ने मानसिक स्वास्थ्य देख-रेख अधिनियम 2017 पर प्रस्तुति दी। आईजीएमसी के मनोचिकित्सा विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. दिनेश दत्त शर्मा ने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य सुखमय जीवन की एक अवस्था है। 

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