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Shimla News: हिम बस पास बनवाने के दे दिए निर्देश, व्यवस्था पूरी नहीं, छात्र परेशान
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जिले के कई सरकारी स्कूल एचआरटीसी की ऑनलाइन लिस्ट में शामिल नहीं होने से दिक्कत
बस स्टॉप भी पूरे नहीं होने से हो रही है दिक्कत
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। हिमाचल पथ परिवहन निगम ने सभी श्रेणी के रियायती पास या निशुल्क यात्रा की सुविधा जारी रखने के लिए हिम बस पास बनवाने की शर्त को लागू कर दिया है। कुछ सरकारी स्कूल एचआरटीसी की बनाई लिस्ट में शामिल नहीं हैं। ऐसे में इन स्कूलों के बच्चों के हिम बस पास नहीं बन रहे। इन स्कूलों के बच्चों के ऑनलाइन आवेदन भी स्वीकार नहीं हो रहे हैं।
राजधानी शिमला के साइबर कैफे में हिम बस पास बनवाने के लिए आने वाले स्कूली छात्रों को अपने स्कूल के नाम ऑनलाइन सूची में नहीं मिल रहे। ऐसे में पास बनवाने के लिए उन्हें एचआरटीसी के आईटी सेल में संपर्क करना पड़ रहा या अभिभावक और विद्यार्थी स्वयं पुराना बस अड्डे में जाकर स्कूलों को सूची में शामिल करवाने का आग्रह करना पड़ता है। साइबर कैफे टुटू के संचालक ललित शर्मा ने माना कि उनके पास रोज ऐसे स्कूली बच्चे आ रहे हैं, जिनके स्कूलों के नाम ही एचआरटीसी की ऑनलाइन लिस्ट में नहीं हैं। इस कारण छात्र एक बार में बस पास नहीं बनवा पा रहे है, उन्हें पहले स्कूल का नाम लिस्ट में शामिल करवाना पड़ रहा है।
कैफे संचालक मदन शर्मा ने माना कि एचआरटीसी की स्कूलों की लिस्ट में कई स्कूल शामिल नहीं हैं। इसके अलावा ऑनलाइन बस पास के लिए जो रूट दिए हैं, उनमें सभी स्कूलों के नाम न होने के साथ बस रूट में आने वाले सभी बस स्टॉप और दो से तीन सड़कों के जंक्शन प्वाइंट के नाम भी पूरे नहीं हैं। इस कारण छात्रों को बस स्टॉप चयन करने में भी दिक्कत आ रही है, जब तक बस स्टॉप चयन नहीं करेंगे तब तक हिम बस पास बनाने की प्रक्रिया पूरी नहीं होगी।
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आईकार्ड अपलोड करने की शर्त से दिक्कत
सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों को हिम बस पास बनवाने के लिए ऑनलाइन अपने स्कूल से जारी आईकार्ड की फोटो कॉपी अपलोड करने की अनिवार्य शर्त के कारण भी परेशानी झेलनी पड़ रही है। इन दिनों स्कूलों में चल रही जमा एक और जमा दो, दसवीं कक्षा की प्रवेश प्रक्रिया में विद्यार्थियों को अभी आईकार्ड यदि जारी नहीं हुए हैं। इस कारण बच्चे ऑनलाइन पास बनाने के लिए आवेदन भी नहीं कर पा रहे। ऐसे में छात्रों को बार-बार साइबर कैफे के चक्कर काटने पड़ रहे हैं।
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बस स्टॉप भी पूरे नहीं होने से हो रही है दिक्कत
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। हिमाचल पथ परिवहन निगम ने सभी श्रेणी के रियायती पास या निशुल्क यात्रा की सुविधा जारी रखने के लिए हिम बस पास बनवाने की शर्त को लागू कर दिया है। कुछ सरकारी स्कूल एचआरटीसी की बनाई लिस्ट में शामिल नहीं हैं। ऐसे में इन स्कूलों के बच्चों के हिम बस पास नहीं बन रहे। इन स्कूलों के बच्चों के ऑनलाइन आवेदन भी स्वीकार नहीं हो रहे हैं।
राजधानी शिमला के साइबर कैफे में हिम बस पास बनवाने के लिए आने वाले स्कूली छात्रों को अपने स्कूल के नाम ऑनलाइन सूची में नहीं मिल रहे। ऐसे में पास बनवाने के लिए उन्हें एचआरटीसी के आईटी सेल में संपर्क करना पड़ रहा या अभिभावक और विद्यार्थी स्वयं पुराना बस अड्डे में जाकर स्कूलों को सूची में शामिल करवाने का आग्रह करना पड़ता है। साइबर कैफे टुटू के संचालक ललित शर्मा ने माना कि उनके पास रोज ऐसे स्कूली बच्चे आ रहे हैं, जिनके स्कूलों के नाम ही एचआरटीसी की ऑनलाइन लिस्ट में नहीं हैं। इस कारण छात्र एक बार में बस पास नहीं बनवा पा रहे है, उन्हें पहले स्कूल का नाम लिस्ट में शामिल करवाना पड़ रहा है।
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कैफे संचालक मदन शर्मा ने माना कि एचआरटीसी की स्कूलों की लिस्ट में कई स्कूल शामिल नहीं हैं। इसके अलावा ऑनलाइन बस पास के लिए जो रूट दिए हैं, उनमें सभी स्कूलों के नाम न होने के साथ बस रूट में आने वाले सभी बस स्टॉप और दो से तीन सड़कों के जंक्शन प्वाइंट के नाम भी पूरे नहीं हैं। इस कारण छात्रों को बस स्टॉप चयन करने में भी दिक्कत आ रही है, जब तक बस स्टॉप चयन नहीं करेंगे तब तक हिम बस पास बनाने की प्रक्रिया पूरी नहीं होगी।
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आईकार्ड अपलोड करने की शर्त से दिक्कत
सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों को हिम बस पास बनवाने के लिए ऑनलाइन अपने स्कूल से जारी आईकार्ड की फोटो कॉपी अपलोड करने की अनिवार्य शर्त के कारण भी परेशानी झेलनी पड़ रही है। इन दिनों स्कूलों में चल रही जमा एक और जमा दो, दसवीं कक्षा की प्रवेश प्रक्रिया में विद्यार्थियों को अभी आईकार्ड यदि जारी नहीं हुए हैं। इस कारण बच्चे ऑनलाइन पास बनाने के लिए आवेदन भी नहीं कर पा रहे। ऐसे में छात्रों को बार-बार साइबर कैफे के चक्कर काटने पड़ रहे हैं।