रिटायरमेंट के करीब दारोगाओं को झटका, नहीं मिलेगी थानेदारी
रिटायर के करीब पहुंचे दरोगाओं को हिमाचल पुलिस अब थानेदारी नहीं करने देगी। पुलिस मुख्यालय के अधिकारियों ने इस संबंध में एक ड्राफ्ट तैयार कर पुलिस महानिदेशक को भेजा है। डीजीपी की मंजूरी मिलने के बाद इसे लागू कर दिया जाएगा।
नियम लागू होने के बाद रिटायरमेंट होने से दो साल पहले तक के सभी दारोगाओं और कोतवालों से चार्ज वापस ले लिया जाएगा। इनकी जगह नए दरोगा और कोतवालों को जिम्मेदारी दी जाएगी। मुख्यालय ने यह फैसला बीते कुछ समय में नौकरी के आखिरी दिनों में थानेदारी के दौरान गड़बड़ी करने के कई मामले सामने आने के बाद लिया है।
थानेदारी छीनने के पीछे ये भी है कारण
हालांकि अधिकारियों का कहना है कि नौकरी के आखिरी दिनों में रिटायरमेंट के नजदीक पहुंच चुके पुलिस कर्मी शारीरिक रूप से उतने दक्ष नहीं रह जाते जितना एक कोतवाल या थाना प्रभारी को होना चाहिए। इसलिए ऐसे पुलिस कर्मियों को अब फील्ड के बजाय आफिसों में तैनाती दी जाएगी।
हालांकि रिटायर होने में दो साल बचे होने पर उन्हें गृह जनपद में नियुक्ति दी जा सकेगी। एडीजी पुलिस मुख्यालय एपी सिद्दीकी ने प्रपोजल भेजने की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि पिछले कुछ समय में ऐसे कई मामले सामने आए हैं जिनमें जिम्मेदार अफसर अपने निजी स्वार्थ के लिए जिम्मेदारियों से मुंह मोड़कर नियम के विपरीत काम करने लगते हैं। ऐसे में अब उनकी जगह नये युवाओं को नियुक्ति दी जाएगी।