हिमाचल के तीन सहकारी बैंकों में भर्ती की जांच विजिलेंस को सौंपी
कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में हिमाचल के तीन सहकारी बैंकों में हुई भर्तियों और वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों की जांच विजिलेंस को सौंपने के आदेश जारी हो गए। गृह सचिव ने फाइल विजिलेंस को भेज दी है।
अब इस पूरे मामले की जांच विजिलेंस या एसआईयू करेगी। जांच के दौरान तथ्य मिलने पर विजिलेंस शिमला थाना में एफआईआर दर्ज करेगी। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने मामले की छानबीन करने के आदेश दिए थे।
पूर्व कांग्रेस सरकार के खिलाफ राज्यपाल को सौंपी गई भाजपा चार्जशीट में भी इन भर्तियों में हुई गड़बडि़यों की जांच की मांग उठाई गई थी। हालांकि, तब सत्तारूढ़ कांग्रेस ने भाजपा की चार्जशीट को ही खारिज कर दिया था।
यहां जानिए बैंक भर्तियों का पूरा मामला
अब सत्ता में आने के छह माह बाद भाजपा सरकार ने जांच करवाने का फैसला लिया है। कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में तीन बैंकों राज्य सहकारी बैंक, कांगड़ा केंद्रीय सहकारी बैंक और जोगिंद्रा केंद्रीय सहकारी बैंक में विभिन्न पदों पर भर्तियां की गईं थीं।
इनमें नियमों को ताक पर रखकर अपनों को नियुक्ति देने के आरोप लगे हैं। विधानसभा चुनाव से साल भर पहले पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल के नेतृत्व में भाजपा ने राज्यपाल को चार्जशीट सौंप जांच की मांग की। आरोप था कि भर्तियों में भाई-भतीजावाद हावी रहा।
बैंकों में भर्ती के मामले में दे दिए जांच के निर्देश
हिमाचल सरकार के अतिरिक्त मुख्य सचिव गृह बीके अग्रवाल ने कहा कि विजिलेंस ब्यूरो को बैंकों में अनियमितताओं की जांच दे दी गई है। सरकार ने इस संबंध में जांच का फैसला लिया है।
हिमाचल प्रदेश सहकारी बैंक के पूर्व चेयरमैन हर्ष महाजन ने कहा कि हिमाचल प्रदेश सहकारी बैंक में सभी भर्तियां पारदर्शी तरीके से हुई हैं। प्रदेश सरकार चाहे तो विजिलेंस को छोड़ वह देश की सर्वोच्च जांच एजेंसी से भी छानबीन करवा सकती है। जांच में दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा।