फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   inquiry of recruitment in three cooperative banks of Himachal submitted to Vigilance

हिमाचल के तीन सहकारी बैंकों में भर्ती की जांच विजिलेंस को सौंपी

Thu, 19 Jul 2018 10:16 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला Updated Thu, 19 Jul 2018 10:16 AM IST
विज्ञापन
inquiry of recruitment in three cooperative banks of Himachal submitted to Vigilance

कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में हिमाचल के तीन सहकारी बैंकों में हुई भर्तियों और वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों की जांच विजिलेंस को सौंपने के आदेश जारी हो गए। गृह सचिव ने फाइल विजिलेंस को भेज दी है।

विज्ञापन


अब इस पूरे मामले की जांच विजिलेंस या एसआईयू करेगी। जांच के दौरान तथ्य मिलने पर विजिलेंस शिमला थाना में एफआईआर दर्ज करेगी। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने मामले की छानबीन करने के आदेश दिए थे।
विज्ञापन


पूर्व कांग्रेस सरकार के खिलाफ राज्यपाल को सौंपी गई भाजपा चार्जशीट में भी इन भर्तियों में हुई गड़बडि़यों की जांच की मांग उठाई गई थी। हालांकि, तब सत्तारूढ़ कांग्रेस ने भाजपा की चार्जशीट को ही खारिज कर दिया था। 

विज्ञापन
विज्ञापन

यहां जानिए बैंक भर्तियों का पूरा मामला

inquiry of recruitment in three cooperative banks of Himachal submitted to Vigilance

अब सत्ता में आने के छह माह बाद भाजपा सरकार ने जांच करवाने का फैसला लिया है। कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में तीन बैंकों राज्य सहकारी बैंक, कांगड़ा केंद्रीय सहकारी बैंक और जोगिंद्रा केंद्रीय सहकारी बैंक में विभिन्न पदों पर भर्तियां की गईं थीं।

इनमें नियमों को ताक पर रखकर अपनों को नियुक्ति देने के आरोप लगे हैं। विधानसभा चुनाव से साल भर पहले पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल के नेतृत्व में भाजपा ने राज्यपाल को चार्जशीट सौंप जांच की मांग की। आरोप था कि भर्तियों में भाई-भतीजावाद हावी रहा। 

बैंकों में भर्ती के मामले में दे दिए जांच के निर्देश 

inquiry of recruitment in three cooperative banks of Himachal submitted to Vigilance

हिमाचल सरकार के अतिरिक्त मुख्य सचिव गृह बीके अग्रवाल ने कहा कि विजिलेंस ब्यूरो को बैंकों में अनियमितताओं की जांच दे दी गई है। सरकार ने इस संबंध में जांच का फैसला लिया है। 

हिमाचल प्रदेश सहकारी बैंक के पूर्व चेयरमैन हर्ष महाजन ने कहा कि हिमाचल प्रदेश सहकारी बैंक में सभी भर्तियां पारदर्शी तरीके से हुई हैं। प्रदेश सरकार चाहे तो विजिलेंस को छोड़ वह देश की सर्वोच्च जांच एजेंसी से भी छानबीन करवा सकती है। जांच में दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed