हिमाचल: अब निजी दुकानों की तरह नजर आएंगे राशन के डिपो, करोड़ों का बजट जारी
खाद्य नागरिक एवं उपभोक्ता मामले सचिव सी पालरासू ने बताया कि डिपुओं में व्यवस्था को सुधारा जा रहा है।
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हिमाचल प्रदेश के राशन डिपो (सस्ती दुकानें) अब निजी दुकानों की तरह नजर आएंगे। इनमें पांच क्विंटल आटा-चावल रखने के लिए ड्रम मिलेंगे। हर डिपो में काउंटर भी बनेगा। सामान तौलने के लिए भी अलग व्यवस्था की जाएगी। केंद्रीय खाद्य आपूर्ति मंत्रालय ने हिमाचल सरकार को करोड़ों का बजट जारी किया है। प्रदेश सरकार ने केंद्रीय मंत्रालय को राशि जारी करने के लिए प्रस्ताव भेजा था। अभी राशन डिपुओं में आटा और चावल बोरियों में रखा जाता है। कई डिपो ऐसे भी हैं, जहां बरसात में पानी टपकता है। बरसात के चलते सीलन होने से आटा और चावल खराब होने की आशंका रहती है।
दूसरा, चूहे भी राशन को खराब कर देते हैं, जिससे सैंपल फेल होने की भी आशंका रहती है। उल्लेखनीय है कि प्रदेश में पांच हजार के करीब राशन डिपो हैं। इनमें हर महीने की पहली तारीख से राशन की सप्लाई पहुंचना शुरू हो जाती है। 10 तारीख तक ये डिपो राशन से भरे होते हैं। इसके बाद ही लोग राशन लेने डिपो पहुंचते हैं। खाद्य नागरिक एवं उपभोक्ता मामले सचिव सी पालरासू ने बताया कि डिपुओं में व्यवस्था को सुधारा जा रहा है।
डिपो में चाय और शैंपू भी बेचे जाएंगे
सरकार डिपुओं की हालत इसलिए भी दुरुस्त करने जा रही है चूंकि अब राशन के अलावा इनमें अन्य सामान भी बेचा जाना है। इसमें चाय, शैंपू और रोजमर्रा की वस्तुएं शामिल हैं।