RTI से बाहर नहीं प्रियंका, देना होगा जवाब
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हिमाचल प्रदेश सूचना आयोग ने एक महत्वपूर्ण फैसला दिया है कि प्रियंका गांधी वाड्रा आरटीआई एक्ट के दायरे से बाहर नहीं है। आयोग की डबल बैंच की कोर्ट ने प्रियंका की सभी दलीलों को खारिज कर जिला प्रशासन शिमला को दस दिन के भीतर सूचना देने के आदेश दिए हैं।
प्रियंका ने शिमला में खरीदी गई जमीन की सूचना आरटीआई के तहत न देने की दलील दी थी। आयोग ने सूचना देने के आदेश जारी करते हुए डीसी शिमला, एडीएम लॉ एंड ऑर्डर और एसडीएम रूरल को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए पूछा है कि क्यों न सूचना देने में की गई देरी पर उन पर पेनल्टी लगाई जाए।
सोमवार को यह फैसला राज्य मुख्य सूचना आयुक्त भीम सेन और राज्य सूचना आयुक्त केडी बातिश की डबल बैंच ने सुनाया। आरटीआई एक्ट के तहत 11 माह पूर्व यह सूचना जिला प्रशासन शिमला से आरटीआई कार्यकर्ता देव आशीष भट्टाचार्य ने मांगी थी।
प्रियंका ने दी थी ये दलील
इसे देने से जनसूचना अधिकारी ने इकार कर दिया था। इसके बाद प्रथम अपीलीय अथॉरिटी यानी डीसी शिमला की ओर से सूचना न दिलाने के निर्णय के खिलाफ आयोग में अपील की गई। इस पर लंबी सुनवाई चली।
आयोग ने प्रियंका गांधी वाड्रा को थर्ड पार्टी मानकर उनसे पूछा था कि मांगी गई सूचना को दिया जाए या नहीं। प्रियंका गांधी ने सुरक्षा और एसपीजी प्रोटेक्टी होने के चलते सूचना न देने की दलील दी थी। दूसरी दलील यह दी कि यह सूचना उनके निजी जीवन से जुड़ी है और इसमें कोई जनहित नहीं है। आयोग ने इन दलीलों को खारिज कर दिया।
इन बिंदुओं पर सूचना देने के आदेश
1. प्रियंका की शिमला के छराबड़ा में जमीन खरीद की अनुमति देने से संबंधित दस्तावेजों, नोटशीट्स, फाइल नोटिंग्स आदि की प्रतियां।
2. खरीदी गई जमीन की सेल डीड की प्रमाणित प्रतियां।
3. हिमाचल सरकार की ओर से इस जमीन खरीद के लिए दी गई रियायत का विवरण।
4. जिला प्रशासन के रिकार्ड के अनुसार इस जमीन का लैंड यूज स्टेटस।
5. प्रियंका के लिए किसी अथॉरिटी ने लैंड यूज के नॉर्म्स का तय समय में पूरा न करने के बारे में कोई पत्राचार किया हो तो उसकी प्रति।