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Shimla News: श्मशानघाटों में महंगाई डायन का डेरा, दाह संस्कार हुआ महंगा

Wed, 26 Nov 2025 11:59 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Wed, 26 Nov 2025 11:59 PM IST
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Inflation is a witch's den in crematoriums, cremation has become expensive.
संजौली और कनलोग श्मशानघाट में दाह संस्कार के लिए लकड़ी के चुकाने होंगे अब अधिक दाम
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गदर फ्रंट संस्था के संयोजक रवि कुमार ने किया विरोध
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। शहर के संजौली और कनलोग स्थित श्मशानघाट में दाह संस्कार करवाना अब मंहगा हो गया है। सनातन धर्म और सूद सभा ने दाह संस्कार में प्रयोग होने वाली लकड़ी के दाम बढ़ा दिए हैं। वहीं सभा के प्रतिनिधियों का कहना है कि सरकारी डिपुओं में लकड़ी के दाम प्रति क्विंटल 300 रुपये तक बढ़ गए हैं।

संजौली स्थित श्मशानघाट सनातन धर्म सभा के अधीन है। यहां पहले 40 किलो लकड़ी के 350 रुपये लिए जाते थे वहीं अब 450 रुपये लिए जा रहे हैं। इसके अलाव सूद सभा की ओर से कनलोग स्थित श्मशानघाट में भी लकड़ी के दामों में प्रति क्विंटल के हिसाब से 100 से 200 रुपये की बढ़ोतरी की गई है। दूसरी तरफ गदर फ्रंट संस्था के संयोजक रवि कुमार दलित ने लकड़ी के दामों में की बढ़ोतरी पर रोष जताया है। इनका कहना है कि एक शव को जलाने में करीब साढ़े चार से साढ़े तीन क्विंटल लकड़ी लगती है। इस हिसाब से लोगों को मजबूरी में भारी भरकम राशि चुकानी होगी। उन्होंने कहा कि इसके बारे में उपायुक्त शिमला से बात की है। उन्होंने दावा किया कि डीसी से इससे अनभिज्ञता जताई है। उन्होंने कहा कि यदि ऐसा है तो इसकी जांच की जाएगी। रवि कुमार दलित ने कहा कि यदि एक हफ्ते के अंदर यह दाम कम नहीं किए जाते हैं तो वह संजौली श्मशानघाट में सांकेतिक अनशन पर बैठेंगे।
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सरकारी डिपुओं से महंगी मिल रही लकड़ी
स्नातन धर्म सभा के प्रधान अजय सूद ने कहा कि पहले वह प्राइवेट सेल वालों से लकड़ी खरीदते थे जहां पर सस्ते दामों पर मिलती थी। अब सरकार ने एक साल से लकड़ी कटवाना बंद कर दी है तो ऐसे में उन्हें सरकारी डिपुओं से लकड़ी खरीदनी पड़ रही है जहां पर सभा को भी 200 से 300 रुपये प्रति क्विंटल ज्यादा चुकाने पड़ रहे हैं। सूद सभा के प्रधान राजीव सूद ने कहा कि जो लकड़ी पहले उन्हें 450 रुपये क्विंटल के हिसाब से मिल रही थी, उसके अब 950 रुपये चुकाने पड़ रहे हैं। दोनों संस्थाओं का कहना है कि गरीब परिवार के लोगों को दाह संस्कार के लिए लकड़ी मुफ्त में भी दी जाती है।
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