औद्योगिक विकास बजट: निवेश प्रोत्साहन ब्यूरो गठित करेगी हिमाचल सरकार, 90 हजार लोगों को मिलेगा रोजगार
योजना में विभिन्न उद्यमों के साथ डेंटल क्लीनिक में मशीनें और औजार, मत्स्य पालन इकाइयां, ई-टैक्सी, एक मेगावाट तक के सोलर पावर प्रोजेक्ट को भी शामिल किया गया है। ई-टैक्सी पर सभी वर्गों के लाभार्थियों को 50 फीसदी तक उपदान मिलेगा।
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हिमाचल प्रदेश सरकार बेरोजगारों को अधिक रोजगार देने के लिए नई राजीव गांधी स्वरोजगार योजना शुरू कर लाभार्थियों के लिए 50 फीसदी तक उपदान देगी। योजना के तहत निवेशकों को डेंटल क्लीनिक में मशीनें और औजार, मत्स्य पालन इकाइयां, ई टैक्सी, एक मेगावाट तक सोलन पावर प्रोजेक्ट को भी शामिल किया गया है।राज्य में वर्ष 2019 की समीक्षा करके औद्योगिक निवेश नीति बनाई जाएगी और निवेश प्रोत्साहन ब्यूरो गठित किया जाएगा। एक छत के नीचे प्रोत्साहन ब्यूरो निवेशकों को बेहतर सुविधाएं देगा। निवेशकों को विभिन्न विभागों से अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) और जमीन के लिए धारा-118 की मंजूरी दी जा सकेगी। निवेशक अपना उद्योग स्थापित कर पाएंगे और विभागों से मंजूरी बाद में मिलती रहेगी।
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20 हजार करोड़ रुपये का निजी निवेश लाएंगे
सरकार प्रदेश में सिंगल विंडो प्रणाली को खत्म करेगी। ब्यूरो रोजगार सृजन में मददगार रहेगा। पर्यटन, ऊर्जा, निर्माण, आवास आदि क्षेत्र में लगभग 20 हजार करोड़ रुपये का निजी निवेश लाएंगे। 40 हजार को प्रत्यक्ष 50 हजार लोगों को परोक्ष रूप से रोजगार मिलेगा। अवैध खनन पर रोक लगाने को एम परिवहन पोर्टल के साथ जोड़ा जाएगा। इसके साथ लोक निर्माण विभाग, जल शक्ति विभाग, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड भी इसके साथ जुड़ेंगे। इससे खनन से होने वाली क्षति भी रोक सकेंगे। अवैध खनन को रोकने के लिए उड़नदस्ते बनेंगे। प्रदेश में स्थापित 99 फीसदी सूक्ष्म, लघु और मध्यम श्रेणी में आते हैं। सरकार इनका सर्वेक्षण करेगी। इस प्रकार का सर्वेक्षण एक दशक में नही हुआ है। इससे उद्योगपतियों की समस्याओं की पहचान कर उनका उचित निवारण शीघ्र किया जा सकेगा।
एक जिला एक उत्पाद को प्रोत्साहन, यूनिटी माल बनेगा
शिमला। हिमाचल का एक जिला और एक उत्पाद को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से प्रदेश में यूनिटी माल का निर्माण किया जाएगा। इसके माध्यम से हिमाचल प्रदेश के उत्पाद, हस्तशिल्प उत्पाद और अन्य राज्यों के हस्तशिल्प उत्पादों को एक छत के नीचे बाजार मुहैया करवाया जाएगा।