सीएम जयराम ने बंद कमरे में दूर कराए गिले-शिकवे, नहीं आईं इंदु गोस्वामी
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कांगड़ा भाजपा में घमासान को दूर करने के लिए मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने बंद कमरे में नाराज नेताओं से गिले-शिकवे दूर करने की कोशिश की। सदस्यता अभियान पर बैठक के बहाने पीटरहॉफ में शाम सात बजे शुरू हुई बैठक देर रात तक चली।
इस बैठक में विधायक रमेश धवाला और संगठन महामंत्री पवन राणा भी मौजूद रहे। हालांकि, चंडीगढ़ में पारिवारिक कार्यक्रम का हवाला देकर इंदु गोस्वामी बैठक में नहीं पहुंची। मुख्यमंत्री ने सभी नेताओं को एकजुट होकर सदस्यता अभियान में जुट जाने को कहा।
इंदु गोस्वामी ने पार्टी के भीतर हलचल पैदा की
बैठक में भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सतपाल सिंह सत्ती भी मौजूद रहे। हालांकि मंत्री विपिन परमार, सरवीण चौधरी, रामलाल मारकंडा और गोविंद ठाकुर बैठक में नहीं पहुंचे।
बताया जा रहा है कि गोबिंद ठाकुर बुखार की वजह से बैठक में शामिल नहीं हो पाए। उल्लेखनीय है कि पिछले दिनों प्रदेश भाजपा महिला मोर्चा के अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने के बाद इंदु गोस्वामी ने पार्टी के भीतर हलचल पैदा की है।
गोस्वामी संगठन के कुछ नेताओं के पालमपुर में अनावश्यक हस्तक्षेप से नाराज मानी जा रही हैं। विधायक रमेश ध्वाला भी अपने क्षेत्र में संगठन के एक बड़े नेता के हस्तक्षेप से नाराज माने जा रहे हैं।
सीएम ने दोनों धड़ों को मनाने का प्रयास किया
भाजपा के सदस्यता अभियान पर बैठक के बाद दोबारा से ज्वालामुखी मंडल की बैठक आयोजित की गई। इसमें ज्वालामुखी भाजपा में चल रही धींगामुश्ती को लेकर मंत्रणा हुई। इस बैठक में भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सतपाल सिंह सत्ती और संगठन महामंत्री पवन राणा भी शामिल हुए।
सीएम ने ज्वालामुखी के भाजपा विधायक रमेश ध्वाला और मंडल पदाधिकारियों तथा कार्यकर्ताओं को मनाने का प्रयास किया। उनके गिले-शिकवे दूर कर पार्टी की एकजुटता के लिए काम करने की नसीहत दी।
सूत्रोें ने बताया कि इस बैठक में भी ध्वाला तल्ख तेवरों में नजर आए। मंडल भाजपा के अन्य पदाधिकारियों ने भी अपने शिकवे दर्ज किए। सीएम की मान-मनौव्वल के बाद ही दोनों पक्ष शांत हुए।