कोटगढ़ पहुंचे अंकुश, प्रशंसकों ने ढोल-नगाड़ों से किया वेलकम
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इंडियन आइडल के फर्स्ट रनरअप बने अंकुश भारद्वाज विजेता ट्रॉफी के साथ गृह क्षेत्र कोटगढ़ पहुंचे। नारकंडा से टिक्कर जरोल होते हुए अंकुश कोटगढ़ पहुंचे। यहां उनके सम्मान में भव्य समारोह हुआ। जगह-जगह पर क्षेत्र की जनता ने उनका स्वागत किया। कोटगढ़ पहुंचने पर विधायक राकेश सिंघा सहित क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों और स्थानीय जनता ने ढोल नगाड़ों और फूल मालाओं के साथ अंकुश भारद्वाज को पलकों पर बिठाया।
अंकुश ने कोटगढ़ पहुंचने पर सबसे पहले स्थानीय देवी के दर पर शीश नवाया। समारोह में अंकुश ने दुर्गा माता मंदिर के प्रांगण में चना मेरेया.... अभी मुझमें कहीं.... बदन पे सितारे लपेटे हुए जैसे गानों से जैसे प्रशंसकों का मनोरंजन किया। अंकुश के गुरू और पिता सुरेश भारद्वाज ने जनता के अनुरोध पर हो हो गे दिलबरूए पहाड़ी गाना पेश किया। समारोह में जनप्रतिनिधियो ने अंकुश और उनके परिजनों को सम्मानित किया।
हिमाचल का ब्रांड एंबेसडर बनना सपना
अंकुश भारद्वाज ने बातचीत के दौरान कहा कि वे हिमाचल का ब्रांड एंबेसडर बनना चाहते हैं। उन्होंने क्षेत्र के युवाओं से नशे के जंजाल में न फंसकर जीवन में एक लक्ष्य के साथ आगे बढ़ने का संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि भविष्य में वे बॉलीवुड में पहचान बनाना चाहते हैं। अपनी संस्कृति को भी अपने साथ रखेंगे। पहाड़ी गानों को भी अपनी आवाज देंगे। अंकुश ने कहा कि वह शिवरात्रि में अपनी पहली एलबम निकालेंगे।