हिमाचल में लगेगा ट्रेन के पहिये-एक्सल बनाने वाला देश का पहला निजी उद्योग
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हिमाचल में ट्रेन के पहिये और एक्सल बनाने वाला देश का पहला निजी क्षेत्र का उद्योग लगेगा। 1100 करोड़ रुपये की लागत से एलीगेंट फोर्ज कंपनी प्लांट स्थापित करेगी। कांगड़ा या ऊना में उद्योग लगाने के लिए इन्वेस्टर मीट से पहले कंपनी राज्य सरकार से एमओयू करेगी और इसमें एक हजार को रोजगार मिलेगा। पांच साल में प्लांट का टर्नओवर 2500 करोड़ तक पहुंचेगा।
एलीगेंट फोर्ज का यह उद्योग 50 एकड़ जमीन पर स्थापित होगा। इसके लिए 15 मेगावाट बिजली की जरूरत पड़ेगी। कंपनी ने सरकार से वादा किया है कि नया उद्योग 2021 में उत्पादन शुरू कर देगा। यह उद्योग मेक इन इंडिया योजना के तहत स्थापित किया जा रहा है। इस उद्योग में हर साल उत्पादन क्षमता 1,80,000 मीट्रिक टन रहेगी।
रेलवे व्हील और एक्सल का उत्पादन होगा
कंपनी के स्थापित होने वाली यूनिट दो में रेलवे व्हील और एक्सल का उत्पादन होगा। यूनिट की क्षमता 50 हजार व्हील और 50 हजार एक्सल उत्पादन होगी। उद्योग से हर साल लाखों डालर की विदेशी मुद्रा की बचत होगी।
देश के रेल नेटवर्क को मजबूती मिलेगी
भारतीय रेल के आधुनिकीकरण और रेल विस्तार में यह उद्योग अहम भूमिका निभाएगा। रेल के पहियों और एक्सल की अत्यधिक मांग रहती है। इस कारण से रेल विस्तार में यह यूनिट अहम मानी जा रही है। कंपनी भारी वाहनों, वाणिज्यिक वाहनों और एयरोस्पेस के पुर्जे भी बनाती है।
अब बारिश के देवता की शरण लेगी सरकार
धर्मशाला में 6, 7 और 8 नवंबर को बारिश के पूर्वानुमान से डरी जयराम सरकार बारिश के देवता इंद्रू नाग की शरण लेगी। जयराम सरकार की ओर से डीसी कांगड़ा राकेश प्रजापति रविवार को इंद्रू नाग देवता के मंदिर में पूजा अर्चना कर इन्वेस्टर मीट के दौरान बारिश न होने के लिए पारंपरिक तरीके से प्रार्थना करेंगे। ग्लोबल इन्वेस्टर मीट में सरकार एचपीसीए वाली गलती नहीं दोहराएगी।
बीते 15 सितंबर को धर्मशाला क्रिकेट स्टेडियम में भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच टी ट्वंटी क्रिकेट मैच बारिश की वजह से धुल गया था। जैसे ही मैच शुरू हुआ स्टेडियम में जोरदार बारिश होती रही जबकि आसपास के क्षेत्रों में सूखा था। बारिश होने पर एचपीसीए के पदाधिकारियों ने अनुराग ठाकुर की मौजूदगी में स्टेडियम में धूप अगरबत्ती जगाकर इंद्रू नाग देवता से माफी मांगी थी।
मैच से पहले एचपीसीए ने हर बार की तरह इंद्रू नाग देवता के मंदिर में पूजा अर्चना नहीं की थी। जयराम सरकार इसलिए डरी है क्योंकि बड़े उद्योगपति हवाई सेवा के जरिए ही इन्वेस्टर मीट के लिए धर्मशाला पहुंचेंगे। अगर बारिश की वजह से जहाज और हेलीकाप्टर धर्मशाला में नहीं उतर पाए तो इन्वेस्टर मीट पर पानी फिर सकता है।
क्या कहते हैं डीसी
डीसी कांगड़ा राकेश प्रजापति ने कहा कि इन्वेस्टर मीट के सफल आयोजन के लिए रविवार को वह इंद्रू नाग देवता के मंदिर में पूजा अर्चना करेंगे। इंद्रू नाग देवता इलाके के आराध्य देव हैं।
इन्वेस्टर मीट ने कांगड़ा के होटलों और रेस्तराओं को दी संजीवनी
जिला मुख्यालय धर्मशाला में होने वाली इन्वेस्टर मीट ने जिला कांगड़ा के होटलों और रेस्तराओं को भी संजीवनी दी है। जिला में कई माह से डूबे पर्यटन व्यवसाय को इन्वेस्टर मीट ने पंख लगा दिए हैं। 10 नवंबर तक पर्यटन नगरी के होटल पूरी तरह से पैक हो गए हैं। इसका कारण जहां इन्वेस्टर मीट माना जा रहा है, वहीं इस दौरान नवंबर में ही धर्मशाला अंतरराष्ट्रीय फिल्म फेयर सात से 10 नवंबर तक चलेगा।
इसके अलावा इसी माह दलाईलामा विदेशी भिक्षुओं को शिक्षित करेंगे, जो मैक्लोडगंज में पहुंच जाएंगे। एक साथ आए इन बड़े आयोजनों के कारण जिला मुख्यालय धर्मशाला सहित मैक्लोडगंज व आसपास के होटलों की आक्यूपेंसी 100 प्रतिशत तक पहुंच गई है।
जानकारी के अनुसार इन्वेस्टर मीट के लिए प्रदेश सरकार और जिला प्रशासन ने 1250 से अधिक कमरे बुक करवाए हैं। इनमें ए से सी श्रेणी तक के कमरों को इन्वेस्टर मीट में आने वाले वीवीआईपी, वीआईपी और अन्य लोगों के लिए बुक करवाया गया है।
होटल एंड रेस्तरां एसोसिएशन धर्मशाला के अध्यक्ष अश्वनी बांबा ने बताया कि नवंबर माह में इन्वेस्टर मीट, डीआईएफएफ और दलाईलामा की टीचिंग की कक्षाएं चलेंगी। इसके चलते देश-विदेश से कई लोग यहां पहुंचेंगे, जिनके लिए धर्मशाला-मैक्लोडगंज के होटल पहले ही पूरी तरह से बुक हो चुके हैं।