अनिश्चितकालीन हड़ताल: पीसमील वर्कर बोले- आश्वासन नहीं, लिखित आदेश चाहिए
पीसमील वर्कर के महासचिव एचके शर्मा ने बताया कि वर्कशॉप में 400 एचआरटीसी के नियमित कर्मचारी हैं। इनमें 200 लोग ऐसे हैं, जिनकी उम्र 50 साल से ज्यादा है। ये कर्मचारी भारी सामान और बसों के पुर्जे नहीं उठा सकते हैं।
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हिमाचल पथ परिवहन निगम की वर्कशॉप में तैनात पीसमील वर्करों की पांचवें दिन भी हड़ताल जारी रही। टूल बंद कर वर्करों ने वर्कशॉप के बाहर प्रदर्शन किए। चेतावनी दी है कि जब तक लिखित में कोई आदेश जारी नहीं होते, तब तक हड़ताल जारी रहेगी। अनुबंध और नीति बनाने को लेकर कई बार आश्वासन दिया गया है। परिवहन मंत्री, अतिरिक्त मुख्य सचिव परिवहन, निगम प्रबंधन के साथ इस बारे कई बार बैठकें हो चुकी हैं। इसके आगे बात नहीं बढ़ी है। पीसमील वर्कर के महासचिव एचके शर्मा ने बताया कि वर्कशॉप में 400 एचआरटीसी के नियमित कर्मचारी हैं।
इनमें 200 लोग ऐसे हैं, जिनकी उम्र 50 साल से ज्यादा है। ये कर्मचारी भारी सामान और बसों के पुर्जे नहीं उठा सकते हैं। निगम के पास ऐसी भी कोई टेक्नोलॉजी और मशीनें नहीं हैं, जिससे इनको उठाया जा सके। वर्कशॉप में कर्मचारियों के अभाव के चलते वर्कशॉप, सड़कों और बस अड्डों पर तीन सौ बसें खड़ी हो गई हैं। सड़क में बसें खराब होने पर उन्हें ठीक करने के लिए कर्मचारी तक नहीं भेजे जा रहे हैं। पीसमील के 930 वर्कर वर्कशॉप में काम बंद किए हुए हैं। उन्होंने बताया कि सूचना मिली है कि मुख्यमंत्री के साथ भी एचआरटीसी कर्मचारियों के पदाधिकारियों की बैठक हुई है, लेकिन इसमें पीसमील वर्करों को शामिल नहीं किया गया।