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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Income decreased, yet the government's deficit will be 0.18 percent less than the estimate in himachal

हिमाचल: आय घटी, फिर भी अनुमान से 0.18 प्रतिशत कम रहेगा सरकार का घाटा

Thu, 16 Dec 2021 11:16 AM IST
Krishan Singh प्रखर दीक्षित, अमर उजाला ब्यूरो, तपोवन/धर्मशाला
प्रखर दीक्षित, अमर उजाला ब्यूरो, तपोवन/धर्मशाला Published by: Krishan Singh Updated Thu, 16 Dec 2021 11:16 AM IST
सार

राजकोषीय उत्तरदायित्व एवं बजट प्रबंधन अधिनियम (एफआरबीएम) 2005 के तहत तैयार की गई छमाही रिपोर्ट के अनुसार सरकार का अनुमान है कि उसके गैर कर राजस्व में 432.65 करोड़ की कमी आएगी। इसका मुख्य कारण बिजली, वानिकी और ब्याज से मिलने वाले राजस्व में कमी आना है।

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Income decreased, yet the government's deficit will be 0.18 percent less than the estimate in himachal
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

राजस्व आय बढ़ाने में विफल होने के बावजूद 2021-22 में जयराम सरकार अपने राजस्व और राजकोषीय घाटे को 0.18 प्रतिशत कम करने में सफल रहेगी। राजकोषीय उत्तरदायित्व एवं बजट प्रबंधन अधिनियम (एफआरबीएम) 2005 के तहत तैयार की गई छमाही रिपोर्ट के अनुसार सरकार का अनुमान है कि उसके गैर कर राजस्व में 432.65 करोड़ की कमी आएगी। इसका मुख्य कारण बिजली, वानिकी और ब्याज से मिलने वाले राजस्व में कमी आना है। राज्य का अपना कर राजस्व मार्च 2022 तक 9400 करोड़ रहने का अनुमान है। यह 2021-22 के बजट अनुमान के दौरान 9282.22 करोड़ रहने का अनुमान जताया था।

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सरकार के कर राजस्व में 117.78 करोड़ की बढ़ोतरी संभावित है। इसके पीछे जीएसटी तथा वैट से होने वाली प्राप्तियों में वृद्धि प्रमुख कारण रहेगी। गैर कर राजस्व 2321 करोड़, केंद्रीय करों सहित केंद्रीय अंतरण 21223.08 करोड़ रहेगा। केंद्र की स्कीमों के अनुदान में 420.12 करोड़ की वृद्धि होने की संभावना है। इसका कारण जल जीवन मिशन, भारत कोविड-19 आपातकालीन प्रतिक्रिया एवं स्वास्थ्य व्यवस्था तत्परता पैकेज, अमृत, सड़क निधि, स्वच्छ भारत मिशन और स्मार्ट सिटी मिशन के लिए मिलने वाले अनुदान में बढ़ोतरी होना है। इससे राजकोषीय घाटे में 0.18 प्रतिशत की कमी आने की संभावना है।
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खर्चे भी घटाए, पे कमीशन भी नहीं लगाया

सरकार ने इस साल नया पे कमीशन लागू न कर अपने खर्च में 911.61 करोड़ की बचत की है।  साथ ही ब्याज चुकाने में 212.57 करोड़ की कमी की है। पेंशन और केंद्रीय प्रायोजित स्कीमों के खर्च में बढ़ोतरी हुई है। लेकिन राजस्व घाटे में भी 884.13 करोड़ की कमी आने की संभावना है। बजट पेश करते समय सरकार का अनुमान था कि राजस्व घाटा 1462.94 करोड़ रहेगा, जबकि 6 महीने बाद अब अनुमान है कि उसका राजस्व घाटा 578.81 करोड़ की रह जाएगा। राजकोषीय घाटा भी -4.52 प्रतिशत के बजाय -4.35 रहने का अनुमान है।

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पूंजीगत व्यय में होगी बढ़ोतरी

रिपोर्ट के अनुसार सरकार का पूंजीगत व्यय बढ़ेगा। केंद्रीय प्रायोजित स्कीमों में 154.78 करोड़ के व्यय की वृद्धि जल जीवन मिशन और केंद्रीय सड़क निधि के लिए अनुदान की प्राप्ति के कारण बढ़ेगी। अन्य पूंजीगत व्यय में 427.13 करोड़ की बढ़ोतरी विभिन्न निर्माण कार्य शुरू होने से होगी। इसमें भानुपाली-बिलासपुर तथा चंडीगढ़-बद्दी रेलवे लाइनों का निर्माण समेत कई अन्य तरह के विकास कार्यों तथा टांडा मेडिकल कॉलेज में एमआरआई मशीन की खरीद के कारण संभावित है।

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