मंडी: पल भर में किसानों की मेहनत पर फिर गया पानी, खेतों में भीग गई गेहूं की फसल
सराज में सेब और गुठलीदार फलों को भारी नुकसान पहुंचा है। सेब, मटर, प्लम, खुमानी और गुठलीदार फलों की फसल के बचाव के लिए लगाए गए नेट भी ओलों से भरकर फट गए हैं।
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हिमाचल प्रदेश के मंडी में मंगलवार को हुई बारिश और ओलावृष्टि से लोगों को गर्मी से राहत तो मिली लेकिन बागवानों और किसानों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। सूखे की मार झेल रहे किसानों और बागवानों के खेतों और बगीचों में ओलावृष्टि कहर बनकर बरपी। सराज में सेब और गुठलीदार फलों को भारी नुकसान पहुंचा है। सेब, मटर, प्लम, खुमानी और गुठलीदार फलों की फसल के बचाव के लिए लगाए गए नेट भी ओलों से भरकर फट गए हैं। जोगिंद्रनगर में थ्रेशिंग के लिए खेतों में रखी गेहूं की फसल गीली हो गई है। द्रंग की पाली पंचायत के तहत पिपली वार्ड के रक्कड़ गांव में एक गोशाला तूफान में गिर गई है। जिलेभर में दोपहर तीन बजे के बाद मौसम खराब हुआ और दिन में वाहनों की लाइटें जलानी पड़ीं। बारिश से जल शक्ति विभाग की परियोजनाओं को संजीवनी मिली है।
यहां सबसे अधिक ओलावृष्टि
चिउणी, चेत, सराहू, डनीहर, बनैशी, चाकूधार, मझडवार, झुघांद, शैटाधार, वनसारी, डेलीधार, घयार, लंबाथाच आदि क्षेत्रों में जमकर ओलावृष्टि हुई। द्रंग में लहसुन और धनिया की फसल को भी नुकसान पहुंचा है। इसके अलावा जिला के मंडी, द्रंग, सुंदरनगर, धर्मपुर, सरकाघाट, बल्ह और करसोग में तेज आंधी के साथ कुछ देर तक बारिश भी हुई।
प्रभावित किसानों-बागवानों ने मांगा मुआवजा
चिउणी पंचायत के उपप्रधान लोकराज, चेत पंचायत के वार्ड पंच कीर्ति कुमार, वीर सिंह, योगराज, महेंद्र कुमार ने बताया कि ओलावृष्टि से मटर के पौधे खराब हो गए हैं। बागवानों ने उचित मुआवजे की मांग सरकार से की है। पहले सूखे और अब ओलावृष्टि से पैदावार तबाह हो गई। थुनाग के एसडीम पारस अग्रवाल ने बताया कि संबंधित पटवारी को निर्देश दिए गए हैं कि नुकसान का जायजा लिया जाए। राजेश डोगरा ने कहा कि किसान गेहूं की फसल को धूप में सुखाएं, तभी इसकी थ्रेशिंग करें।
बारिश से बुझी जंगलों की आग
बारिश के कारण लोगों को गर्मी से राहत मिली है, वहीं विभिन्न स्थानों पर जंगलों में भड़की आग भी शांत हुई है। जिले के कुछ जंगल कुछ दिनों से आग के कारण दहक रहे थे। इनमें मंडी के धुआंदेवी, बीहणधार, शिवाबदार, दूदर, कोटमोर्स, सरकाघाट के चंद्राकड़ी, पधर और जोगिंद्रनगर के जंगलों में लगी आग बारिश के कारण शांत हो गई है।