ससुराल पक्ष ने पेश की मिसालः बहू बनाकर लाए थे, बेटी बना किया विदा
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बहू बना कर लाए थे और बेटी बना कर विदा कर दिया। जी हां बिलासपुर के ससुराल पक्ष ने एक अनूठी मिसाल पेश की है। घुमारवीं उपमंडल में बेटे की मौत के बाद ससुराल पक्ष ने बहू का पुनर्विवाह धूमधाम से करवाया।
ग्राम पंचायत बम्ब के कुलवाड़ी गांव के सुखदेव ने मई 2011 में अपने बेटे की शादी ऊना में करवाई थी। शादी के दस महीने बाद उनके बेटे की मौत हो गई। पूरे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। इसके बाद बहू ने पूरे परिवार को संभाला था और परिवार की जिम्मेदारी बेटी की तरह उठाई थी।
परिवार के लिए बहू ने निभा दिए ये सारे फर्ज
परिवार के लिए बहू ही बेटी और बेटा सब कुछ बनकर रह गई। हालांकि छोटी उम्र में पति के जाने का गम तो था लेकिन उसके बाद भी पूरी जिम्मेदारी से परिवार को संभाले रखा। बेटे को खो चुके सुखदेव ने बहू को बेटी समझकर पुनर्विवाह का मन बना लिया।
फिर क्या था। ससुर सुखदेव अच्छे रिश्ते की तलाश में जुट गए। अच्छा रिश्ता मिलते ही सुखदेव ने बहू का बेटी की तरह कन्यादान कर दिया। उसकी शादी ऊना में करवाई गई। पति एयरफोर्स में कार्यरत है।
लोग कर रहे खूब तारीफ
इस शादी की न केवल गांव में चर्चा है। बल्कि इससे लोग सुखदेव के इस पुण्य कार्य के लिए खूब सराहना कर रहे हैं। सुखदेव की अरुण कुमार इकलौती संतान थी। अब सुखदेव और उसकी पत्नी लेचो देवी रह गए हैं।
सुखदेव हाल ही में परिवहन निगम से सेवानिवृत्त हुए हैं। बम्म बाजार में उन्होंने दुकान खोल रखी है। पत्नी लेचो देवी कुलवाड़ी गांव में महिला मंडल की प्रधान है।