फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   In kinnaur, girls has no right of property

कौन दिलाएगा यहां की बेटी का हक

Tue, 22 Apr 2014 06:57 PM IST
Updated Tue, 22 Apr 2014 06:57 PM IST
विज्ञापन
In kinnaur, girls has no right of property

हिमाचल के जिला किन्नौर और लाहौल का कानून देश के कानून से अलग है। यह दोनों जिले मंडी लोकसभा क्षेत्र में आते हैं।

विज्ञापन


यहां आज भी वाजिब-उल-अर्ज राजस्व कानून लागू हैं। जहां पूरे देश में महिलाओं को पैतृक संपत्ति का अधिकार है लेकिन यहां की महिलाओं को इस 21वीं सदी में भी इस अधिकार से वंचित रखा गया है।

इन दो जनजातीय जिलों में भू राजस्व अधिनियम 1954 लागू ही नहीं है।

यहां लागू ही नहीं हो पाया कानून

In kinnaur, girls has no right of property

बेटियों को पैतृक संपत्ति का हिस्सा दिलाना यहां का सबसे बड़ा चुनावी मुद्दा है। कहने को तो जहां महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए सरकारी स्तर पर बहुत कुछ हुआ है।

पंचायत चुनाव में महिलाओं को 50 फीसदी आरक्षण दिया हुआ है। संसद में बड़ी भागीदारी के लिए कानून पास करने की तैयारी है, लेकिन अंग्रेजों से भी पुराने कानून को किन्नौर और लाहौल स्पीति की महिलाओं पर आज भी जबरन थोपा हुआ है।

इस कानून के तहत परिवार की संपत्ति बाहर के लोगों को न जाए इसलिए महिला संपत्ति का बंटवारा सिर्फ बेटों में होता है।

विज्ञापन
विज्ञापन

नेताओं ने आज तक नहीं उठाया मामला

In kinnaur, girls has no right of property

बेटा न होने पर संपत्ति अपने आप उसके भाई के बेटों में ट्रांसफर हो जाती है। हैरत की बात है कि हम महिलाओं के तमाम आंदोलनों के बावजूद अब तक यहां के जनप्रतिनिधियों इस कानून में संशोधन की बात तक नहीं उठाई।

यह पुरुषवादी सोच का नतीजा है। उन्हें लगता है कि इससे उनका वोट बैंक प्रभावित होगा। इस बारे में कुछ म‌हिलाएं खुद प्रदेश सरकार और राज्यपाल से भी महिलाओं को पैतृक संपत्ति दिलाने की मांग उठा चुकी हैं।

भू राजस्व अधिनियम 1954 जनजातीय क्षेत्र में लागू नहीं है। इस कारण यहां की महिलाएं खुद को असुरक्षित महसूस कर रही हैं। बाकी सभी कानून जनजातीय क्षेत्र में लागू हैं केवल भू स्वामित्व के अधिकार से महिलाओं को वंचित रखा गया है।

विज्ञापन

सरकार के कई संशोधन, मगर सब बेकार

In kinnaur, girls has no right of property

भारत सरकार और हिमाचल सरकार ने देश प्रदेश की महिलाओं को समानता का अधिकार दिलाने के लिए कई कानूनों में संशोधन कर रखा है।

मगर अफसोस की बात यह है कि किन्नौर-लाहौल जिले की महिलाओं के साथ अभी तक भेदभाव पूर्ण व्यवहार हो रहा है।

वाजिब-उल-अर्ज में संशोधन आज के दौर में बहुत जरूरी है ताकि यहां की महिलाएं समाज में सम्मान के साथ जी सकें। हाल ही में बंदोबस्त वाजिब-उल-अर्ज तहरीर करते समय भी महिलाओं को किसी प्रकार का तवज्जो नहीं दी गई।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed