मंत्रियों के और बढ़ेंगे ठाठ, फॉर्च्यूनर के साथ मिलेंगे अब पायलट वाहन
जयराम सरकार के मंत्रियों के ठाठ और बढ़ने जा रहे हैं। मंत्रियों के लिए महंगी फॉर्च्यूनर गाडि़यां खरीदने की प्रक्रिया शुरू होने के बाद अब उनके लिए हर जिले में पायलट वाहन देने की तैयारी है। ये वाहन जिला पुलिस को दिए जाएंगे।
मंत्री जब भी जिले का दौरा करेंगे तो यह पायलट वाहन मंत्री के काफिले की अगवानी करेंगे। तर्क दिया गया है कि वर्तमान में अलग से ऐसे पायलट वाहन उपलब्ध नहीं है।
ऐसे में मंत्री के दौरे के दौरान पुलिस के एक वाहन को पायलट वाहन की ड्यूटी पर लगा दिया जाता है। इससे कई बार परेशानी भी होती है। जानकारी के अनुसार हिमाचल पुलिस ने मंत्रियों को वीआईपी ट्रीटमेंट देने के दौरान अपनी कुछ दिक्कतों को मुख्यमंत्री से साझा किया था।
वीआईपी मूवमेंट में स्थायी पायलट वाहन नहीं होने के चलते सुरक्षा व्यवस्था संभालना मुश्किल होता है। हाल में हुई डीसी-एसपी की कांफ्रेंस के दौरान पुलिस अधीक्षकों ने भी यह बात मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के सामने उठाई थी।
इस पर मुख्यमंत्री ने सभी 13 पुलिस जिलों को एक-एक पायलट वाहन मुहैया कराने का आश्वासन दिया था। अब पुलिस मुख्यालय और सरकार के बीच पत्राचार शुरू हो गया है।
पुलिस प्रवक्ता डॉ. खुशहाल शर्मा ने बताया कि डीसी-एसपी कांफ्रेंस के दौरान पायलट वाहन समेत जिन भी मुद्दों पर चर्चा हुई उन पर गृह विभाग से पत्राचार किया जा रहा है।
केंद्र से शुरू हुई थी वीआईपी कल्चर खत्म करने की कवायद
चूंकि, वीआईपी मूवमेंट के दौरान पायलट वाहन लगाने में दिक्कत आती है, ऐसे में नया वाहन उपलब्ध होने पर काफी सुविधा होगी। केंद्र की मोदी सरकार ने वीआईपी कल्चर खत्म करने के लिए नीली-लाल बत्ती और हूटर के इस्तेमाल पर रोक लगाई थी।
इसका असर ये हुआ कि देश भर में मंत्रियों से लेकर कई राज्यपालों ने भी आपने सरकारी वाहनों से लाल बत्ती को हटा दिया था। वीआईपी कल्चर खत्म करने की इस मुहिम से इतर अब हिमाचल में वीआईपी कल्चर से मंत्रियों के मोह को फिर से तरजीह मिल रही है।